शिमला और मंडी विश्वविद्यालय में बंटे हिमाचल के 135 डिग्री कॉलेज

शिमला और मंडी विश्वविद्यालय में बंटे हिमाचल के 135 डिग्री कॉलेज

शिमला
राजधानी शिमला स्थित समरहिल विश्वविद्यालय के अधीन छह जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर, कांगड़ा और ऊना के 88 डिग्री कॉलेज आएंगे। नए शैक्षणिक सत्र से दोनों विश्वविद्यालय काम करना शुरू करेंगे।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के 135 डिग्री कॉलेजों को शिमला और मंडी राज्य विश्वविद्यालय में बांट दिया है। राजधानी शिमला स्थित समरहिल विश्वविद्यालय के अधीन छह जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर, कांगड़ा और ऊना के 88 डिग्री कॉलेज आएंगे। मंडी विश्वविद्यालय को कुल्लू, मंडी, लाहौल-स्पीति, चंबा, बिलासपुर और हमीरपुर जिला के 47 डिग्री कॉलेज दिए गए हैं। नए शैक्षणिक सत्र से दोनों विश्वविद्यालय काम करना शुरू करेंगे। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला की स्थापना 22 जुलाई 1970 को हुई थी। हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा 25 जनवरी 1971 को मिला।

एचपीयू की स्थापना के 52 वर्ष बाद अब प्रदेश को दूसरा राज्य विश्वविद्यालय मिला है। शिमला विवि से संबद्ध सरकारी और निजी कॉलेजों की संख्या 400 से अधिक हो गई है। प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां ऐसी नहीं हैं कि प्रदेश के सारे विद्यार्थी पढ़ाई से संबंधित कार्यों के लिए शिमला पहुंच सकें। ऐसे में प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले कई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। पीजी कक्षाओं में सीटें सीमित होने के कारण भी कई विद्यार्थी एचपीयू में दाखिला नहीं ले पाते। ऐसे में मंडी में क्लस्टर विवि को अपग्रेड कर राज्य विश्वविद्यालय बनाया गया है। प्रधान सचिव शिक्षा डॉ. रजनीश की ओर से दोनों विवि के तहत बांटे गए जिलों की अधिसूचना जारी की गई है।

नर्सिंग, लॉ, बीएड, संस्कृत कॉलेज भी बंटे
शिमला विवि के तहत आने वाले नर्सिंग, लॉ, बीएड, संस्कृत कॉलेजों का भी बंटवारा कर दिया गया है। मंडी विवि के तहत आने वाले जिलों में चल रहे इन कॉलेजों की संबद्धता अब एचपीयू से नहीं होगी। इसके अलावा निजी कॉलेजों को भी जिलावार संबद्ध किया जाएगा। ऐसे में मंडी विवि के तहत करीब 150 कॉलेज आ जाएंगे, जबकि करीब 250 कॉलेज शिमला विवि में आएंगे।

नवंबर 2021 में हुआ था क्लस्टर से राज्य विवि बनाने का फैसला
नवंबर 2021 में सरकार ने क्लस्टर विवि मंडी को राज्य विवि बनाने का फैसला लिया था। फरवरी 2022 में इसकी अधिसूचना जारी की। नए राज्य विवि की स्थापना के लिए आरंभिक स्तर पर दस करोड़ रुपये दिए गए हैं। भविष्य में इसके लिए राजकोष से प्रति वर्ष 75 से 100 करोड़ रुपये की अभिवृद्धि होगी।

कांगड़ा जिले के विद्यार्थियों को नहीं मिली राहत
जनसंख्या के लिहाज से प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा के विद्यार्थियों को मंडी में दूसरा राज्य विवि बनने का लाभ नहीं हुआ। कांगड़ा से मंडी नजदीक है, लेकिन कांगड़ा को शिमला विवि के तहत रखा गया। हालांकि धर्मशाला में एचपीयू का क्षेत्रीय केंद्र होने से उच्च शिक्षा लेने के लिए कांगड़ा के विद्यार्थियों को शिमला नहीं आना होगा।

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