शिअद की मुहिम से डरे सियासी दल, राष्ट्रपति शासन लगवाने की रच रहे साजिश : बिक्रम मजीठिया

शिअद की मुहिम से डरे सियासी दल, राष्ट्रपति शासन लगवाने की रच रहे साजिश : बिक्रम मजीठिया

चंडीगढ़
मोगा में शिअद प्रधान सुखबीर बादल के काफिले हुए हमले के बाद पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि अकाली दल की ‘गल पंजाब मुहिम’ से सियासी दल डर गए हैं। कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दल साजिश के तहत अशांति फैलाकर राष्ट्रपति शासन लगाना चाहते हैं। उन्होंने इस दौरान प्रदर्शनकारियों के फोटो सबूत के तौर पर पेश किए। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि ये किसान नहीं आप और कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं।

शिअद मुख्यालय में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि विघटनकारी षड्यंत्र के दो उद्देश्य हैं। पंजाब में विधानसभा चुनाव स्थगित करने के साथ-साथ शांतिपूर्ण चल रहे किसान आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ किसान नेता ने भी इस साजिश के प्रति सावधान होकर ही स्पष्ट निर्देश दिए थे कि केवल भाजपा नेताओं का रास्ता रोका जाए और पंजाब में किसी अन्य राजनीतिक दल के किसी अन्य कार्यक्रम में बाधा नहीं पड़नी चाहिए। 

संयुक्त किसान मोर्चा ने साफ कर दिया है कि भाजपा को छोड़कर किसी अन्य दल के खिलाफ प्रदर्शन सिर्फ केंद्र सरकार की मदद करने का काम करेगा और किसानों के मुद्दे को इससे नुकसान होगा। मोगा में हमले में लिप्त कांग्रेसी और आप कार्यकर्ताओं को बेनकाब करने के लिए वीडियो तथा फोटो सबूत पेश किए, जो कि अकाली दल के चल रहे कार्यक्रमों को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। मजीठिया ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पंजाब पुलिस राज्य की शांति भंग करने के लिए पंजाब विरोधी साजिश का हिसा बन गई है। यह निंदनीय है कि जानबूझकर अराजकता फैलाने के लिए शरारती तत्वों को शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के वाहनों के पास जाने की इजाजत दी जा रही है।

श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में शुक्रवार को आयोजित किए जा रहे एक दिवसीय विधानसभा सेशन के बारे में मजीठिया ने कहा कि गुरु साहिबान की स्मृति के बाद पंजाब के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिए एक पूरा सत्र आयोजित किया जाना चाहिए।

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