व्यापक नुकसान : बारिश से कई जगह पेड़ गिरे, गाड़ियों को नुकसान, बिजली आपूर्ति ठप

व्यापक नुकसान : बारिश से कई जगह पेड़ गिरे, गाड़ियों को नुकसान, बिजली आपूर्ति ठप

शिमला
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से कई क्षेत्रों में व्यापक नुकसान हुआ है। भूस्खलन से जगह-जगह सड़कें बाधित हो गईं। राजधानी शिमला के कई भागों में पेड़ गिरने से गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के मैदानी और मध्य पर्वतीय भागों में आज भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है। प्रदेश में कई जगह भूस्खलन की आशंका भी जताई है।

ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कई क्षेत्रों में रविवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 28 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। शिमला में 63.7, बिलासपुर 75.0, सुंदरनगर 20.0, नयनादेवी 46.6 पालमपुर 43.4, धर्मशाला में 15.6,मनाली 17.0 और कुफरी में 17.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।  भारी बारिश से सेब तुड़ान भी प्रभावित हुआ है। 

राजधानी शिमला में देर रात से हुई भारी बारिश से कई जगह भूस्खलन हुआ है। शहर में जगह-जगह हरे पेड़ उखड़ गए हैं। खलीनी के पास पेड़ गिरने से सड़क किनारे खड़ा एक ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए ठप हो गई। कई घंटों तक टूटीकंडी और खलीनी की तरफ से सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
पेड़ गिरने से कई जगह बिजली के खंभे टूट गए हैं, जिससे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। उधर, विकासनगर में भी देवदार के दो पेड़ एक साथ गिर गए। इससे बिजली का ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके भी गिरने का खतरा है। देर रात से ही इलाके में बिजली गुल है। शहर में कई जगह नालों का पानी और मलबा सड़कों पर आ गया।

कई सड़कें मलबा गिरने से बाधित हुई हैं। गिरि पेयजल परियोजना में फिर गाद आने से शिमला शहर के लिए पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। शहर में अभी ज्यादातर इलाकों में तीसरे दिन ही पानी दिया जा रहा है।

वहीं, भारी बारिश से ढली बाईपास पर पत्थर गिरने का सिलसिला फिर शुरू हो गया। यहां रुक-रुक कर पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं, जिससे सफर खतरे से खाली नहीं है। वहीं छराबड़ा व हसन वैली में भी एनएच पर भूस्खलन की सूचना है। किन्नौर और ऊपरी शिमला में भी मौसम खराब बना हुआ है। 

कुल्लू जिले में बारिश से 10 से अधिक सड़कें बंद हैं। जिले में तीन दिनों से बारिश दौर जारी है। इससे सेब का तुड़ान नहीं होने से बागवानों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा है। सड़कों के बंद होने से भी सेब फंस गया है।

सिरमौर में भूस्खलन से चार सड़कें फिर बंद हो गई हैं। शिलाई मंडल में सड़क पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पांवटा साहिब-शिलाई एनएच की हालत बेहद खस्ता है। सड़क पर हादसों का खतरा बना हुआ है। 

वहीं, कालका-शिमला एनएच पर रविवार को भी कई जगहों पर भूस्खलन हुआ। इसको देखते हुए कंपनी ने एनएच पर पेट्रोलिंग टीमों की संख्या बढ़ाई है।  हमीरपुर के पट्टा में भारी बारिश से स्लेटपोश मकान गिर गया। मकान में सो रहा परिवार  बाल-बाल बच गया। हादसा रात तीन बजे हुआ।

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