विधानसभा प्रश्नकाल: अधिकारियों के जवाबों पर भाजपा विधायकों ने जताई आपत्ति

विधानसभा प्रश्नकाल: अधिकारियों के जवाबों पर भाजपा विधायकों ने जताई आपत्ति

विधानसभा सदन में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान अधिकारियों के जवाबों पर भाजपा के दो विधायकों ने आपत्ति जताई। सुंदरनगर में तीन फरवरी को मिली एक योजना की मंजूरी का 60 फीसदी कार्य पूरा बताने और ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के सवाल पर भवन निर्माण की जगह डंगों के निर्माण की जानकारी मिलने पर विधायकों ने एतराज जताया। भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने सुंदरनगर की पेयजल और सिंचाई योजनाओं का मामला उठाया।

उन्होंने कहा कि लिखित जवाब में बताया गया कि उठाई पेयजल योजना डैहर और इसके आसपास के गांवों के लिए जल शक्ति विभाग ने प्रशासनिक अनुमोदन और व्यय स्वीकृति तीन फरवरी 2021 को दी। भौतिक प्रगति में कार्य को साठ फीसदी पूरा कर दिया बताया गया है। जवाब में जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि यह जानकारी हैरान करने वाली है। इसके टेंडर के आदेश दिए हैं। प्राथमिकता पर काम किया जाएगा। उधर, दूसरे सवाल में भाजपा विधायक रमेश धवाला ने कहा कि मुझे दिया गया लिखित जवाब समझ से परे है।

इसके लिए शिक्षा मंत्री दोषी नहीं हैं। मैंने स्कूल भवनों की जानकारी मांगी थी, लेकिन जवाब में डंगों के निर्माण के बारे में बताया गया है। टेंडर में शिक्षा और लोकनिर्माण विभाग ने गलती की है। 13 कार्यों के पूरे होने की जानकारी दी गई है, जबकि मौके पर काम पूरे नहीं हुए हैं। अगर कार्य पूरे हुए हैं तो उनका उपयोग प्रमाण पत्र  दिया जाए। जवाब में शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि 11 भवनों के कार्य पूरे हो चुके हैं। पांच के कार्य जारी हैं। 13 के काम शुरू नहीं हुए हैं। उन्होंने विधायक को कहा कि वे नामवार सूची दें, प्राथमिकता पर काम किया जाएगा।

5287 प्राथमिक स्कूलों में बीस से कम विद्यार्थी
 प्रदेश के 5287 प्राथमिक, 984 माध्यमिक, 35 उच्च और 10 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बीस से कम है। विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू और मोहन लाल ब्राक्टा के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

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