वन विभाग ने एनएचएआई को लगाया 1.17 करोड़ का जुर्माना

वन विभाग ने एनएचएआई को लगाया 1.17 करोड़ का जुर्माना

कुल्लू
वनमंडलाधिकारी कुल्लू एंजल चौहान ने कहा कि एनएचएआई ने जिया से लेकर रामशिला तक फोरलेन निर्माण के दौरान वन भूमि पर जगह-जगह अवैध डंपिंग की है। नुकसान की भरपाई के लिए पहले 12 लाख और दूसरी बार 1.05 करोड़ रुपये का नोटिस दिया है।

वन विभाग कुल्लू ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को 1.17 करोड़ का जुर्माना किया है। किरतपुर-मनाली फोरलेन के तहत दस किलोमीटर रामशिला-जिया दायरे में अवैध रूप से डंपिंग की गई है। यह मक ब्यास नदी के किनारे तक पहुंच गई है। वन विभाग ने अवैध रूप से की गई डंपिंग का निरीक्षण करने के बाद एनएचएआई को 2020 से 2022 तक दो बार जुर्माना किया है।

वन विभाग ने 2020-21 को 12 लाख का जुर्माना लगाया है। 2021-22 को 1.05 करोड़ का जुर्माना कर नोटिस दिए हैं, मगर एनएचएआई ने राशि जमा नहीं की है। वन विभाग ने दो बार रिमाइंडर भेजे। अब अथॉरिटी मक डंपिंग करने से मुकर गया है। ऐसे में वन विभाग ने फिर निरीक्षण करने के लिए राजस्व विभाग के साथ पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है और 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। कमेटी में राजस्व विभाग से कानूनगो, पटवारी तथा वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी, खंड अधिकारी तथा वनरक्षक को शामिल किया है।

वनमंडलाधिकारी कुल्लू एंजल चौहान ने कहा कि एनएचएआई ने जिया से लेकर रामशिला तक फोरलेन निर्माण के दौरान वन भूमि पर जगह-जगह अवैध डंपिंग की है। नुकसान की भरपाई के लिए पहले 12 लाख और दूसरी बार 1.05 करोड़ रुपये का नोटिस दिया है। बाद में दो बार रिमाइंडर भी भेजे हैं, लेकिन जुर्माना जमा नहीं किया गया है। राजस्व विभाग के साथ बनाई कमेटी को रिपोर्ट देने के लिए 15 दिन का समय दिया है।

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