लालढ़ांग-पांवटा-रोहड़ू राजमार्ग खस्ताहाल

सतौन (सिरमौर)। लालढ़ांग, पांवटा से रोहड़ू राजमार्ग की हालत बेहद खस्ताहाल है जिससे आम लोगों को दिक्कतें व वाहन मालिकों को भारी आर्थिक चपत लग रही है। विगत वर्ष जून 2011 में सतौन में लोगों ने विरोध स्वरूप चक्का जाम कर दिया था। इसके बावजूद भी सड़क की दशा नहीं सुधरी है।
उस समय चक्का जाम में अनेकों सोसायटी, विभिन्न संघों, ट्रक संचालकों व ग्रामीणों ने भाग लिया था। उस समय चक्का जाम खुलवाने के लिए लोक निर्माण विभाग व नाहन-पांवटा से प्रशासनिक उच्चाधिकारियों ने मौके पर आकर आश्वासन दिया था जिसमें लोगों को सड़क सुधार की बात कही थी।
इस मामले में चक्का जाम करने वालों पर मामला भी दर्ज किया गया लेकिन सड़क की हालत सुधारने को कोई कदम नहीं उठाया गया। बदहाल सड़क के सुधार के नाम पर मिट्टी पत्थर भर दिया जाता है जिससे हल्की बारिश होने पर भी सड़क में कीचड़ से हालत ज्यादा खराब हो जाती है। धूप खिलने पर धूल चारों तरफ फैलती है जिससे छोटे वाहनों को मार्ग पर चलने में दिक्कतें होती रही हैं।
लोगों का कहना है कि जब कोई मंत्री क्षेत्र में आता है तो राजबन से सतौन तक सड़क में पानी का छिड़काव करवा दिया जाता है। सरकारें टैक्स में बढ़ोतरी की तैयारियों में है लेकिन सड़क की हालत सुधारने के लिए कदम नहीं उठाया जा रहा है। अब फिर से सतौन क्षेत्र का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र नेताओं व उच्चाधिकारियों से मिलेगा जिसमें इस मार्ग की हालत सुधारने का कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग रखी जाएगी।
उधर, ट्रक आपरेटर सोसायटी सतौन के अध्यक्ष अजय चौहान ने बताया कि विगत वर्ष बदहाल सड़क को लेकर चक्का जाम किया गया था लेकिन उसके बाद भी विभाग तथा सरकारों ने लोगों की समस्या को नहीं समझा। अगर ऐसा ही रहा तो क्षेत्र के लोग सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।

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