लाडी, बाजवा के बाद कईं और कांग्रेस के बड़े चेहरे कर सकते हैं बीजेपी का रुख

लाडी, बाजवा के बाद कईं और कांग्रेस के बड़े चेहरे कर सकते हैं बीजेपी का रुख

जालंधर (पंजाब)
कांग्रेस के दो विधायक फतेहजंग सिंह बाजवा व बलविंदर सिंह लाडी के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को जहां माझा में पार्टी के कैप्टन मिल गए हैं वहीं सिख चेहरों को पार्टी में लाकर भाजपा ने संदेश देना शुरू कर दिया है कि पार्टी पंजाब में अकेले हिंदू चेहरों को आगे लाकर चुनाव में नहीं उतरेगी। माझा में 25 सीट हैं और फतेहजंग बाजवा व बलविंदर लाडी दोनों माझा से ही ताल्लुक रखते हैं। इससे पहले पार्टी ने कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे राणा सोढ़ी को पार्टी ज्वाइन करवाई थी।
 
कांग्रेस पर भाजपा की सर्जिकल स्ट्राइक होने से भाजपा नेताओं में काफी उत्साह है। पार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, विधायक व मंत्री भाजपा के संपर्क में हैं। नवांशहर से कांग्रेसी विधायक अंगद सिंह सैनी की पत्नी विधायिका अदिति सिंह भाजपा में शामिल हो चुकी हैं। ऐसी चर्चा भी चल रही है कि अंगद सैनी भी किसी वक्त भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

वहीं ब्यास से कांग्रेसी विधायक संतोख सिंह भलाईपुर की निकट रिश्तेदारी मंगलवार को भाजपा में शामिल हुए बलविंदर सिंह लाडी से है। दोनों परिवारों में काफी गहरा रिश्ता है और कयास लगाये जा रहे हैं कि संतोख सिंह भलाईपुर भी भाजपा का रूख कर सकते हैं। पंजाब में कई मंत्रियों के भाजपा में जाने का शोर काफी दिनों से मच रहा है और ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि पांच जनवरी को पीएम मोदी भी पंजाब में कई नेताओं को कमल का फूल पकड़ा सकते हैं।

भाजपा आतंकवाद के खात्मे के बाद पहली बार लगभग 70 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और ऐसे में भाजपा हर सूरत में दमदार प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है और पंजाब में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी की जा रही है। खासकर सिख चेहरों को भाजपा में तरजीह दी जा रही है। दिल्ली से मनजिंदर सिंह सिरसा को पार्टी में लाने के बाद भाजपा ने पंजाब का रूख अख्तियार कर लिया है। 
माझा में मिलेगा मजबूत आधार
पार्टी की तरफ से सबसे अधिक माझा व मालवा में झोंकने की तैयारी हो रही है क्योंकि इन दोनों क्षेत्रों में सिख मतदाता अधिक हैं और पार्टी माझा व मालवा में ज्यादा मजबूत नहीं है। राणा सोढ़ी, फतेहजंग बाजवा व लाडी को लाकर पार्टी ने माझा व मालवा में अपने मिशन की शुरूआत कर दी है। पिछले चुनावों में भाजपा 14 सीटों पर नंबर दो पर रही थी, इसमें अधिकतर दोआबा व अमृतसर सिटी की सीट थी। 
कांग्रेस के घमासान का फायदा भाजपा को
कांग्रेस के भीतर घमासान मचा हुआ है। नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी को एकजुट नहीं कर पा रहे हैं। उलटा विरोधी सुर उठ रहे हैं। पार्टी के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू हर मंच पर नवजोत सिंह सिद्धू की अलोचना कर रहे हैं। पार्टी के सांसद मनीष तिवारी बगावती सुर बोल रहे हैं। पार्टी के भीतर सब ठीक नहीं चल रहा है। गुटबाजी का शिकार हो चुकी कांग्रेस के घर कलह क्लेश का फायदा भाजपा उठा रही है।

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