रेणुका बांध का होगा कायाकल्प, खर्च होगी 586 करोड़ रुपये की राशि

रेणुका बांध का होगा कायाकल्प,  खर्च होगी 586 करोड़ रुपये की राशि

ददाहू (सिरमौर)
रेणुका बांध परियोजना के निर्माण को लेकर तबाह होने वाली वन संपदा को पुनर्जीवित और विकसित करने के लिए 586 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। रेणुका बांध परियोजना के माध्यम से यह राशि वन विभाग के खाते में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शीघ्र ही इस राशि को वन विभाग के कैंपा प्लान में जमा करवाया जाएगा, जिससे पर्यावरण की भरपाई की जा सके।

राष्ट्रीय महत्व की रेणुका बांध परियोजना के निर्माण को लेकर तबाह होने वाली वन संपदा को पुनर्जीवित और विकसित करने के लिए 586 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। रेणुका बांध परियोजना के माध्यम से यह राशि वन विभाग के खाते में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शीघ्र ही इस राशि को वन विभाग के कैंपा प्लान में जमा करवाया जाएगा, जिससे पर्यावरण की भरपाई की जा सके। कुछ दिन पूर्व ही केंद्र सरकार ने रेणुका बांध परियोजना के निर्माण को लेकर करीब 1038 करोड़ रुपये की पहली किस्त बांध प्रबंधन को सौंप दी है। इसमें से 586 करोड़ रुपये वन विभाग और करीब इतनी ही राशि विस्थापितों को बढे़ हुए मुआवजे के रूप में अदा की जाएगी। आदेश प्रदेश उच्च न्यायालय ने चार मार्च को विस्थापितों के हित में फैसला सुनाते हुए दिए हैं। रेणुका बांध परियोजना के निर्माण को लेकर वन विभाग की करीब 909 हेक्टेयर भूमि पर लगे करीब 1.25 लाख पेडों सहित वन संपदा तबाह हो जाएगी।

रेणुका बांध प्रबंधन को मिले करीब 1038 करोड रुपये की राशि में से सर्वप्रथम 586 करोड़ की राशि वन विभाग को पर्यावरण मंजूरी के बदले जारी की जानी है। हालांकि, रेणुका बांध परियोजना को पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी वर्ष 2016 में ही मिल चुकी है, लेकिन इससे संबंधित कुछ प्रक्रियाओं को अभी भी अमलीजामा पहनाया जा रहा है। ताकि, परियोजना निर्माण के दौरान किसी भी प्रकार की अड़चनों का सामना करना न पड़े। परियोजना के निर्माण को लेकर केंद्र सरकार से दूसरी किस्त भी अप्रैल माह में मिलने की उम्मीद है। इसके बाद विस्थापितों के पुनर्वास की ओर कदम बढाया जाएगा। रेणुका बांध परियोजना के महाप्रबंधक रूपलाल ने 1038 करोड़ रुपये की पहली किस्त मिलने की पुष्टि करते बताया कि सर्वप्रथम इस राशि से वन विभाग की भरपाई और विस्थापितों के बढे़ हुए मुआवजे के भुगतान पर खर्च किया जाएगा। राशि जमा करवाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। 25 मार्च तक विस्थापितों को बढ़ी हुई मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।

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