राहत: कार में अकेले यात्रा करने पर मास्क लगाना अनिवार्य नहीं, डीडीएमए की बैठक में हुआ फैसला

राहत: कार में अकेले यात्रा करने पर मास्क लगाना अनिवार्य नहीं, डीडीएमए की बैठक में हुआ फैसला

नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में कोरोना के हालात को लेकर शुक्रवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक हुई जिसमें राजधानी में कोरोना नियमों को लेकर कई ढील दी गई है। इस बैठक में कार में अकेले सवाल चालक को मास्क पहनने के नियम से भी छूट दी गई है।

मालूम हो कि इस नियम को लेकर हाईकोर्ट में भी याचिका डाली गई थी जिसे लेकर न्यायालय ने नाराजगी भी जताई थी। सूत्रों के अनुसार आज की बैठक में कार चलाने वालों को बड़ी राहत दी गई है। इसके अनुसार कार में अगर सिर्फ चालक हो तो उसे मास्क पहनने की जरूरत नहीं होगी।
आज की डीडीएम की बैठक में मिली अन्य राहतें
सबसे पहला फैसला दिल्ली के स्कूलों के संबंध में है। सात फरवरी से नवीं से बारहवीं तक के स्कूल खुलेंगे। धीरे-धीरे अब कोविड केस भी कम हो गए हैं और नवीं से बारहवीं तक के बच्चों के वैक्सीनेशन में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में अभी तो फिजिकल और ऑनलाइन क्लास दोनों चलेंगे लेकिन अब समय आ गया है कि हम धीरे-धीरे उस ओर बढ़ेंगे जब सिर्फ फिजिकल कक्षाएं चलेंगी, ऑनलाइन की जरूरत नहीं पडे़गी।
नर्सरी से लेकर आठवीं तक के सभी स्कूल 14 फरवरी से खोले जाएंगे। इसके पहले स्कूलों को सभी तरह की उचित तैयारी करने को कहा गया है। इन क्लासों में पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों का वैक्सीन लगा होना जरूरी होगा।
दिल्ली में कॉलेज भी अब खुल सकेंगे और कॉलेज सिर्फ ऑफलाइन क्लास चलाएंगे, जो सात फरवरी से शुरू होंगे। ऑनलाइन क्लास नहीं चलेंगी। सभी शिक्षण संस्थान समेत कोचिंग आदि भी शुरू हो सकेंगे।
नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा लेकिन अब वह 10 के बजाय रात 11 बजे से शुरू होगा।
सभी रेस्टोरेंट भी 11 बजे तक खुल सकेंगे।
सभी दफ्तर 100 प्रतिशत क्षमता के साथ खुल सकेंगे।
जिम, स्पा और स्विमिंग पूल भी खुल सकेंगे। सात फरवरी से इन्हें खुलने की अनुमति होगी।
बिजनेस टू बिजनेस प्रदर्शनियां भी लग सकेंगी।

हाईकोर्ट ने क्या कहा था
उच्च न्यायालय ने बीते मंगलवार को दिल्ली सरकार के उस आदेश को बेतुका करार दिया था जिसमें कोविड -19 के संदर्भ में अकेले ड्राइविंग करते समय मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया था। अदालत ने दिल्ली सरकार से पूछा कि यह निर्णय अभी भी लागू क्यों है, यह दिल्ली सरकार का आदेश है आप इसे वापस क्यों नहीं लेते। यह वास्तव में बेतुका है।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा आप अपनी कार में बैठे हैं और आपको मास्क पहनना चाहिए? पीठ ने दिल्ली सरकार के वकील से कहा यह आदेश क्यों प्रचलित है? आप इस मुद्दे पर सरकार से जवाब लेकर इसे स्पष्ट करें।

पीठ ने यह टिप्पणी तब की जब दिल्ली सरकार के वकील ने अपनी मां के साथ कार में बैठकर कॉफी पीते हुए मास्क नहीं पहनने के लिए एक व्यक्ति का चालान किए जाने की घटना को साझा किया।

सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के 7 अप्रैल 2021 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने निजी कार चलाते समय मास्क नहीं पहनने पर चालान लगाने के दिल्ली सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।

उन्होंने कहा कोई व्यक्ति कार में बैठा है और 2,000 रुपये का चालान किया जा रहा है। एकल न्यायाधीश का आदेश बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा जब डीडीएमए द्वारा आदेश पारित किया गया था तो स्थिति अलग थी और अब महामारी लगभग खत्म हो गई है।

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