यूजी प्रथम-द्वितीय वर्ष के प्रश्नपत्र 22 कॉलेजों में हुए थे लीक

यूजी प्रथम-द्वितीय वर्ष के प्रश्नपत्र 22 कॉलेजों में हुए थे लीक

शिमला
यूजी की परीक्षाएं शुरू होने से दो दिन पहले पांच अप्रैल को विवि को सोलन और एक अन्य कॉलेज से प्रश्नपत्रों की कमी की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच में प्रश्न पत्र खुलने और लीक होने की पुष्टि होने पर विवि प्रशासन ने परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के यूजी प्रथम और द्वितीय वर्ष के प्रश्नपत्र प्रदेश के 22 कॉलेजों में लीक हुए थे। इनमें कुछ कॉलेजों में प्रश्नपत्र गायब पाए गए, जबकि कुछ में इन्हें खोल दिया गया या फिर नष्ट कर दिया गया था।

इसका खुलासा कुलपति प्रो. एसपी बंसल की ओर से मामले की जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट में हुआ है। कमेटी ने कुलपति को रिपोर्ट सौंप दी है। इसके बाद कुलपति ने रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंप दी है। मामले में लापरवाही बरतने वाले कॉलेजों पर सरकार के स्तर पर ही फैसला लिया जाएगा।

यूजी की परीक्षाएं शुरू होने से दो दिन पहले पांच अप्रैल को विवि को सोलन और एक अन्य कॉलेज से प्रश्नपत्रों की कमी की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच में प्रश्न पत्र खुलने और लीक होने की पुष्टि होने पर विवि प्रशासन ने परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था। मामले की जांच के लिए बैठाई गई तीन सदस्यीय कमेटी में शामिल प्रो. ज्योति प्रकाश, प्रो. कुलभूषण चंदेल और प्रो. अरविंद कुमार भट्ट ने सभी कॉलेजों में टीमें भेजकर जांच करवाई।

इसके आधार पर कमेटी ने कुलपति को रिपोर्ट सौंपी। कमेटी ने इसे गंभीर लापरवाही की श्रेणी में रखा है। इसमें कहा गया है कि कॉलेजों को भेजे गए प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखे जाने की तीन बार लिखित में हिदायतें दी गई थीं। बावजूद इसके प्रश्नपत्र खोल दिए गए। कुछ कॉलेजों से प्रश्न पत्रों के बंडल तक गायब पाए गए।

रिपोर्ट को कुलपति ने अब सरकार को भेज दिया है। अब सरकार ही निर्णय करेगी कि लापरवाही करने वाले कॉलेजों पर क्या करवाई होगी। उधर, इस बारे में कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने कहा कि कॉलेज स्तर पर की गई जांच के बाद रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।

प्राचार्यों के पद रिक्त होना भी मानी जा रही वजह
कॉलेजों से प्रश्न पत्र लीक होने के लिए कई कॉलेजों में प्राचार्यों के पदों का लंबे समय से रिक्त रहना भी वजह मानी जा रही है।

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