मुठभेड़ : लश्कर कमांडर, पाक आतंकी समेत पांच दहशतगर्द ढेर, एक जवान शहीद

मुठभेड़ : लश्कर कमांडर, पाक आतंकी समेत पांच दहशतगर्द ढेर, एक जवान शहीद

जम्मू
पुलवामा जिले के राजपोरा इलाके में 15 घंटे से अधिक चली मुठभेड़ में आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के पांच दहशतगर्दों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। इनमें जिला कमांडर व एक पाकिस्तानी आतंकी शामिल है। ऑपरेशन में सेना के एक जवान शहीद जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। मुठभेड़ स्थल से हथियार भी बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ शुरू होते ही जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं स्थगित कर दी गई थीं।

सुरक्षाबलों को वीरवार देर रात राजपोरा के हान्जिन गांव में आतंकियों के एक बड़े दल के छुपे होने की सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर एसओजी ने सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ  की 182 और 183 बटालियन के जवानों के साथ मिलकर इलाके की घेराबंदी की। घर-घर तलाशी अभियान चलाया गया।

इस दौरान एक मकान में छुपे आतंकियों ने जवानों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि होने पर जवानों ने मोर्चा संभाला और कई बार आतंकियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया। उन्होंने हर बार उसे ठुकराया और जवानों पर फ ायरिंग जारी रखी। इस पर जवानों की जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई।

रात के वक्त तो कोई आतंकी नहीं मारा गया, लेकिन शुक्रवार को पांच आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली। मुठभेड़ में सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स के हवलदार काशी राव शहीद हो गए। सूत्रों ने बताया कि घायल दो जवानों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कश्मीर रेंज के आईजी विजय कुमार ने पांच आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि मारे गए आतंकियों में एक लश्कर का जिला कमांडर निशाज लोन उर्फ  खिताब, पाकिस्तानी आतंकी अबु रेहान उर्फ तौहीद, दानिश मंजूर शेख (काकापोरा), आमिर वागे (हान्जिन) व मेहरान मंजूर (जमालाटू) शामिल है। यह सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी है। राजपोरा इलाके में पहले मुठभेड़ में दौरान पत्थरबाजी की घटनाएं देखने को मिलती थीं जो इस बार नहीं देखने को मिली। 

आतंकियों से लूटी गई एसएलआर भी बरामद
मारे गए आतंकियों से एक एसएलआर भी बरामद की गई है जिसे आतंकियों ने लोअर मुंडा में टीवी टावर के गार्ड से 2016 में लूटी थी। इसके अलावा दो एके 47 व दो पिस्टल भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार खिताब वर्ष 2018 से सक्रिय था। मारे गए सभी आतंकी कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। 

इस साल 66 आतंकियों का काम तमाम
इस वर्ष की शुरुआत से अभी तक कश्मीर घाटी में सुरक्षाबलों को 66 आतंकियों को मार गिराने में सफ लता हाथ लगी है। पिछले महीने जून में 11 दहशतगर्द ढेर किए गए। सबसे ज्यादा 17 आतंकी अप्रैल के महीने में मारे गए थे।

गोली लगने के बाद भी लोहा लेते रहे काशी
पुलवामा मुठभेड़ में आतंकियों के साथ लोहा लेने वाले शहीद हवलदार काशीरे कर्नाटक के विजयपुरा के रहने वाले थे। सेना की 44 आरआर के शहीद हवलदार काशी राव मुठभेड़ के दौरान छाती में गोली लगने के कारण गंभीर रूप से घायल हुए थे।

इसके बाद भी उन्होंने मोर्चा संभाले रखा। उन्हें बालापुर से सेना के चॉपर में एयरलिफ्ट कर श्रीनगर स्थित 92 बेस अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शहीद हवलदार काशी के परिवार में अब उनकी पत्नी, 4 साल की बेटी और 1 साल का बेटा है।

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