मुख्यमंत्री पद से कुछ नहीं होता, कुछ कर दिखाने का होना चाहिए जुनून : अनुराग ठाकुर

मुख्यमंत्री पद से कुछ नहीं होता, कुछ कर दिखाने का होना चाहिए जुनून : अनुराग ठाकुर

शिमला
केंद्रीय सूचना प्रसारण और युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि मुख्यमंत्री, मंत्री या विधायक के पद से कुछ नहीं होता है। कुछ कर दिखाने का जज्बा और जुनून होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मिली जिम्मेवारी से खुश हूं। मेरी सोच है कि मिलने वाले अवसर से न्याय होना चाहिए। शुक्रवार को होटल पीटरहॉफ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जो विश्वास उन पर जताया है, उस पर खरा उतरना है।

हिमाचल प्रदेश में जन आशीर्वाद यात्रा के पांच दिवसीय दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर 623 किलोमीटर का सफर तय करेंगे। इस दौरान चारों संसदीय क्षेत्रों के 37 विधानसभा क्षेत्रों और आठ जिलों में 90 कार्यक्रम करेंगे। अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहुंचने पर हुआ स्वागत मेरी उम्मीदों से ज्यादा था। हुजूम असाधारण था जिसे अपनी स्मृतियों में संजो कर दिल्ली जाऊंगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता में एक अलग ही उत्साह दिखा है।

भावुकता के साथ गर्मजोशी भी थी। बुजुर्ग और वरिष्ठ कार्यकर्ता जहां भावुक थे, वहीं युवाओं और महिलाओं में जोश दिखा। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में जरूरत पड़ी तो बिलासपुर एम्स को भी कोविड सेंटर के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। प्रदेश की कई विकास योजनाओं के दिल्ली में लंबित होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि औपचारिकताएं पूरा करते ही मंत्रालयों से योजनाओं को मंजूरियां मिल जाती हैं। राज्य सरकारों को अपने स्तर पर कोई कमी प्रस्तावों में नहीं छोड़नी चाहिए।

आशा है 2024 तक कांग्रेस चुनेगी राष्ट्रीय अध्यक्ष
कांग्रेस की ओर से भाजपा सरकारों पर लगाए जाने वाले महंगाई संबंधी आरोपों के सवाल को टालते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि आशा है कि वर्ष 2024 तक कांग्रेस अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लेगी। इसके बाद उनके आरोपों का जवाब भी दे दिया जाएगा।

हिमाचल के स्कूलों में जा सकते हैं ओलंपियन वरुण-आशीष
अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी ओलंपियनों से 75-75 स्कूलों में जाने की अपील की है। आशीष और वरुण हिमाचल के स्कूलों में भी जा सकते हैं। इसको लेकर योजना तैयार की जानी चाहिए। बच्चों को ओलंपियनों की इस पहल से प्रेरणा मिलेगी। खेलों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार को विशेष प्रयास करने चाहिएं।

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