मरीजों की और आफत, प्रभावित रहेगी ओपीडी और इमरजेंसी

मरीजों की और आफत, प्रभावित रहेगी ओपीडी और इमरजेंसी

नई दिल्ली

डॉक्टरों की हड़ताल अब दिल्ली के दूसरे अस्पतालों तक भी पहुंच गई है। बृहस्पतिवार से राजधानी में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं लेने में और मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि दिल्ली सरकार के पांच बड़े अस्पतालों में भी रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर जा रहे हैं। 

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के करीब चार हजार रेजीडेंट डॉक्टरों ने नौ दिसंबर से हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। इसका असर लोकनायक अस्पताल, जीबी पंत सुपर स्पेशलिटी, मौलाना आजाद दंत चिकित्सालय, गुरु नानक नेत्र चिकित्सालय इत्यादि पर पड़ेगा। 

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के आरडीए उपाध्यक्ष डॉ. आकाश यादव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ओपीडी के साथ साथ आपातकालीन सेवाओं में भी रेजीडेंट डॉक्टर शामिल नहीं होंगे। अभी तक दिल्ली के सफदरजंग, आरएमएल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में ही डॉक्टरों की हड़ताल का सबसे गंभीर असर देखने को मिल रहा था लेकिन अब दूसरे अस्पतालों में भी मरीजों के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है।

डॉक्टरों की चेतावनी पर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने सभी वरिष्ठ डॉक्टरों के अवकाश रद्द कर दिए हैं। सभी फैकल्टी को सुबह नौ बजे उपस्थित रहने के निर्देश जारी हुए हैं। साथ ही आपातकालीन चिकित्सा जारी रखने के लिए अलग अलग विभाग से एक-एक फैकल्टी डॉक्टर को तैनात करने के लिए भी कहा गया है। हालांकि रेजीडेंट डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी अस्पताल में उनके बिना स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित नहीं हो सकती हैं। इसलिए जब तक केंद्र सरकार अपना अड़ियल रवैया नहीं छोड़ेगी और काउंसलिंग नहीं कराती है तब तक हड़ताल जारी रहेगी। 

उधर बुधवार देर शाम सूचना मिली है कि पूर्वी दिल्ली के सबसे बड़े जीटीबी अस्पताल में भी रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर जा सकते हैं। देर शाम तक डॉक्टरों की बैठक चल रही थी जिसमें आगामी विरोध प्रदर्शन को लेकर रणनीति पर चर्चा की जा रही थी।

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