मनरेगा में 60 करोड़ ही खर्च पाया कांगड़ा

नूरपुर (कांगड़ा)। उपमंडल नूरपुर के खंड कार्यालय में पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित मनरेगा कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सीपाल रासू ने की। कहा कि मनरेगा के तहत मंडी जिले में 100 करोड़ खर्च किया गया है। जबकि जिला कांगड़ा अत्यधिक आबादी वाला जिला होने के बावजूद 60 करोड़ ही खर्च कर पाया है। यह एक खेदजनक विषय है।
जिलाधीश ने कहा कि नूरपुर क्षेत्र की पंचायतों में पिछले 2 साल पहले क्षेत्र में जो व्यय किया गया था, उसकी तुलना में इस वर्ष का व्यय काफी कम है। कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को जो समस्याएं पेश आ रही हैं, उन्हें विभाग को अवगत कराएं। नूरपुर विकास खंड में मनरेगा कार्यक्रम के तहत साढ़े 4 करोड़ रुपए की राशि व्यय करके 7271 जाब कार्ड धारकों को 100 दिन का रोजगार देने के लिए 2 लाख 19 हजार कार्य दिवस अर्जित किए गए। उन्होंने सभी पंचायत प्रधानों को निर्देश दिए कि मनरेगा के लिए आवंटित बजट को 31 मार्च से पूर्व व्यय करें । कहा कि प्रत्येक विकास खंड कार्यालय में पंचायत प्रधानों की दो माह में एक बार बैठक होगी। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों के सुझाव के अतिरिक्त विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि जिन पंचायतों में मनरेगा कार्य संतोषजनक नहीं हैं, उन पंचायतों में इस कार्य में तेजी लाई जाए अन्यथा संबंधित पंचायत के सचिव एवं ग्राम रोजगार सेवक के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर बीडीओ नूरपुर सुशील चौधरी, अतिरिक्त उपायुक्त रोहन ठाकुर, एसडीएम नूरपुर राकेश वर्मा, परियोजना अधिकारी डीआरडीए कुलवीर राणा के अतिरिक्त नूरपुर विकास खंड के पंचायतो प्रधानों/ उपप्रधान तथा सचिव इत्यादि ने भाग लिया।

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