मनचलों से निपटने को छात्राएं तैयार

शिमला। मनचलों को सबक सिखाने के लिए सरकारी स्कूलों की छात्राओं को इन दिनों प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दिल्ली में हुए गैंगरेप मामले और आए दिन छात्राओं-महिलाओं के साथ होने वाली छेड़खानी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) शामलाघाट के साथ किए गए निजी संस्था के इकरार के तहत निजी संस्था हेल्प सोशल आर्गेनाइजेशन घणाहट्टी के प्रशिक्षक महज चार घंटे के प्रशिक्षण में छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखा रहे हैं। 13 फरवरी से शुरू किए गए इस विशेष अभियान के तहत अब तक छोटा शिमला और लक्कड़ बाजार स्कूलों की छठी से बारहवीं कक्षा तक की छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शुक्रवार को पोर्टमोर स्कूल में 600 लड़कियों को प्रशिक्षण दिया गया।
डाइट के जिला परियोजना अधिकारी व प्राचार्य केके धीमान ने बताया कि इसी तरह से राजधानी और इसके आसपास के चुनिंदा छात्राओं की अधिक संख्या वाले 20 स्कूलों में यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्राओं को अपनी सुरक्षा को लेकर आत्मनिर्भर बनाना है।
निजी संस्था हेल्प सोशल आर्गेनाइजेशन के हेमंत सलारिया ने बताया कि चार घंटे में छात्राओं को संस्था की किरन शर्मा, रीना शर्मा, अरुणा सलारिया, रमा शर्मा, लता, बलवंत ठाकुर प्रशिक्षण देने का कार्य कर रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मार्शल आर्ट की 45 तकनीकों का समावेश है जिसमें छात्राओं को मनचलों के साथ पेश आने के तौर-तरीकों को बताया जा रहा है। परियोजना अधिकारी केके धीमान ने बताया कि स्कूलों के साथ ही डाइट में प्रशिक्षण ले रहे जेबीटी प्रशिक्षुओं को भी आत्मरक्षा के गुर सिखाए जा रहे हैं। प्राइमरी असिस्टेंट टीचर्स को डाइट में करवाए गए कोर्स में भी आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। पोर्टमोर स्कूल प्राचार्य सुखदेव शर्मा और लक्कड़ बाजार कन्या स्कूल की प्राचार्य डा. गीता रानी ने इस कोर्स को उपयोगी बताया।

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