भारत-अमेरिका के मंत्रियों के बीच टू प्लस टू वार्ता आज, अहम समझौतों पर लगेगी मुहर

भारत-अमेरिका के मंत्रियों के बीच टू प्लस टू वार्ता आज, अहम समझौतों पर लगेगी मुहर

नई दिल्ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके अमेरिकी समकक्ष मार्क एस्पर ने प्रतिनिधि स्तर की बैठक कर की टू प्लस टू डॉयलॉग की शुरुआत।
देर शाम विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो की अहम बैठक।
चारों मंत्रियों के बीच टू प्लस टू डॉयलॉक की तीसरी बातचीत आज, एनएसए और पीएम के साथ भी होगी बैठक।
रक्षा और सामरिक लिहाज से अति अहम जीयोस्पैटियल कोऑपरेशन समेत कई समझौतों पर लगेगी मुहर।
चीन केआक्रामक रुख और हिंद प्रशांत क्षेत्र का मुद्दा मुख्य एजेंडे में शामिल।

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके अमेरिकी समकक्ष यूएस सिक्रेट्री ऑफ डिफेंस मार्क टी एस्पर ने सोमवार को प्रतिनिधि स्तर की बैठक कर टू प्लस टू डायलॉग के तहत तीसरी बातचीत की प्रक्रिया शुरू की। दोपहर तीन बजे की इस बातचीत के बाद शाम सात बजे विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने समारिक मुद्दों पर बातचीत की।

मंगलवार को भारत और अमेरिका के यह चारों मंत्री टू प्लस टू के तहत एक साथ बैठकर रक्षा व सामरिक साझेदारी के क्षेत्र में अहम समझौतों पर मुहर लगाएंगे। इस बैठक के बाद हैदराबाद हाउस  से साझा बयान जारी किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक इस बातचीत में पूर्वी लद्दाख समेत हिंद-प्रशात क्षेत्र और साउथ चाइना सी में चीन के आक्रामक रुख का मुद्दा भी उठाया जाएगा। हिंद प्रशांत क्षेत्र इस डायलॉग के एजेंडे में शामिल है। एक तरफ चीन के आक्रामक रुख और दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव के ठीक पहले हो रहे इस डायलॉग को काफी अहम माना जा रहा है। टू प्लस टू बातचीत के बाद इस मंत्रियों की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ अलग से  बैठक होगी। इसके बाद इनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास 7 लोककल्याण मार्ग पर होगी।

2018 में शुरू हुए भारत-अमेरिका टू प्लस टू डायलॉग की इस तीसरी बातचीत में सामरिक साझादारी को और पुख्ता करने की दिशा में जीयोस्पैटियल कोऑपरेशन से जुड़े अति महत्वपूर्ण बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (बीईसीए) पर मुहर लगने की प्रबल संभावना है। इसके तहत अमेरिका के साथ भौगोलिक स्थिति से जुड़े एडवांस  सैटेलाइट और टोपोग्राफिकल डाटा की साझेदारी का रास्ता खुल जाएगा।

जीयोस्पैटिल डाटा से सैटेलािट इंटेलिजेंस, रक्षा से जुड़े नक्शे और सैटेलाइट इमेज का इस्तेमाल कई अहम मौकों पर किया जा सकेगा। बीईसीए पर मुहर लग जाने के बाद भारत क्रूज और बैलेस्टिक मिसाइल के सटीक ऑपरेशन में अमेरिका के जीयोस्पैटियल मैप का इस्तेमाल किया जा सकेगा। आधुनिक युद्ध प्रणाली में इस तकनीक का काफी महत्वपूर्ण उपयोग होता है।

मंगलवार को बीईसीए के साथ दोनों देशों के बीच मेरिटाइम इन्फॉर्मेशन शेयरिंग टेक्निकल एग्रीमेंट पर भी हस्ताक्षर होना मुख्य एजेंडे में शामिल है। इस बैठक में आयात-निर्यात संबंधी सप्लाई चेन के ढांचे को तकनीकी तौर पर और सुगम बनाने पर भी अमह फैसले लिए जाएंगे।

इनके साथ दोनों पक्ष रक्षा व सामरिक मामलों के मद्देनजर क्षेत्रिय और वैश्विक स्तर पर कई द्विपक्षीय मुद्दों पर फैसला करेंगे। गौरतलब है कि पोम्पियो इस बातचीत के बाद श्रीलंका और मॉलदीव जा रहे हैं। माना जाता है कि चीन की गंभीर आपत्ति के बावजूद अगले महीने बंगाल की खाड़ी में क्वाद सदस्य देशों अमेरिका, जापान, भारत और आस्ट्रेलिया के बीच होने वाले नौसेना युद्ध अभ्यास के फैसले से पीछे पोम्पियो का अहम रोल रहा है।

टू प्लस टू डायलॉग की पहली बातचीत सितंबर 2018 में दिल्ली में हुई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी ने भविष्य की ठोस साझेदारी के लिए इस स्तर की बातचीत का आधार तैयार किया था। इसकी दूसरी बातचीत पिछले साल दिसंबर में वाशिंगटन में हुई थी। इन दोनों बैठकों में दोनों देशों ने कम्यूनिकेशन, कंपैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी अरेंजमेंट (कौमकासा) समेत रक्षा व सामरिक क्षेत्र में कई अहम विषयों पर समझौते कर आगे की ठोस साझेदारी की रास्ता तैयार किया था।

 

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