भाजपा को सांसद सनी देओल का न दिखना चुनाव में पड़ सकता भारी

भाजपा को सांसद सनी देओल का न दिखना चुनाव में पड़ सकता भारी

गुरदासपुर (पंजाब)
सनी देओल की बेरुखी से भाजपा के वोट प्रतिशत में कमी आई है। सांसद ने निकाय चुनाव में भी अपने हलके में कोई रुचि नहीं दिखाई थी। जिसका नतीजा यह रहा कि गुरदासपुर में भाजपा का वोट महज पांच हजार से भी कम में सिमट गया। सियासी जानकार इसे भाजपा के लिए अच्छा संकेत नहीं मान रहे हैं।

2019 में गुरदासपुर से भाजपा से लोकसभा चुनाव जीत कर फिल्म अभिनेता से नेता बने सनी देओल अपने वादे से मुकर गए हैं। अब वह पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के प्रचार के लिए नहीं पहुंच पाएंगे। बताया जा रहा है कि वह इन दिनों बीमार हैं और उन्हें चिकित्सकों ने आराम करने की सलाह दी है। जिसको लेकर पार्टी प्रत्याशियों में प्रचार को लेकर पशोपेश की स्थिति बनी हुई है। सनी इससे पहले हुए पंजाब के निकाय चुनाव में भी प्रत्याशियों के प्रचार के लिए नहीं पहुंचे थे।

गुरदासपुर के लोकसभा सांसद सनी देओल की गैर मौजूदगी विधानसभा चुनावों में इन दिनों फिर चर्चा में है। इसका खामियाजा भाजपा को पूरे पंजाब में भुगतना पड़ सकता है और भाजपा की सीटों पर इसका विपरीत असर देखने को मिलेगा। मुख्य कारण है कि सनी देओल कोई आम नाम नहीं हैं और पंजाब के लोग उन्हें और उनके काम के बारे में भली-भांति परिचित हैं। पूरे पंजाब में चर्चा जोरों पर है कि गुरदासपुर के लोगों के साथ धोखा हुआ है और गुरदासपुर के लोग ऊंची दुकान देखकर फंस गए, उन्हें पकवान फीका ही नसीब हुआ है।

एक तरफ विधानसभा 2022 के चुनाव को अब सिर्फ 20 दिन बचे हैं। सांसद की ओर से लंबे समय से हलके में न दिखना भाजपा वर्करों में भारी निराशा का कारण बन रहा है। यही नहीं जनता भी सांसद की गैर मौजूदगी से परेशान है। सनी देओल के इस रवैये से कांग्रेसी भी तंज कसते हुए वोटरों को याद करवा रहे हैं कि आपको बताया था कि रील हीरो और रीयल हीरो में अंतर होता है। आप नहीं माने और अब भुगत रहे हैं।

पैराशूट उम्मीदवारों की मिसाल बने सनी
पंजाब के विभिन्न हलकों में पैराशूट नेताओं की मिसाल सनी देओल के रूप में विपक्ष दे रहा है। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि कभी ऐसे नेताओं को वोट मत दो, जिसका नाम बड़ा हो लेकिन दर्शन छोटे। कोरोना काल की शुरुआत में गुरदासपुर के सांसद सनी देओल आए और लोगों से मिलने के बजाय महज अधिकारियों से मिलकर औपचारिकता पूरी कर चले गए।

किसान संघर्ष के दौरान भी साधे रहे चुप्पी
सनी देओल ने किसान संघर्ष के दौरान भी पंजाबियों के लिए एक भी शब्द नहीं बोला और महज पार्टी की हां में हां मिलाई। जिससे पंजाब के लोग काफी नाराज हैं। बेशक देश के प्रधानमंत्री ने तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया है लेकिन सनी देओल की चुप्पी पंजाबियों के गले नहीं उतर रही। जानकारी के अनुसार सनी देओल अपनी अगली फिल्म की तैयारी में जुटे हैं और चुनाव में प्रचार के लिए पंजाब आ सकते हैं। उनकी ओर से हलके की तरक्की के लिए कोई विशेष प्रयत्न न करने पर भी लोगों में नाराजगी है।

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