बीआरओ ने डबल लेन पुलों का निर्माण युद्धस्तर पर कर दिया है शुरू, सीमा तक आसानी से पहुंचेगी सेना की रसद

बीआरओ ने डबल लेन पुलों का निर्माण युद्धस्तर पर कर दिया है शुरू, सीमा तक आसानी से पहुंचेगी सेना की रसद

कुल्लू
सामरिक महत्व के मनाली-लेह मार्ग पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) नौ डबल लेन पुलों का निर्माण कर रहा है। पांच पुल इसी साल के अंत तक देश को समर्पित किए जाएंगे जबकि चार पुलों को अगले साल तक तैयार किया जाएगा। देश की सुरक्षा को देखते हुए बीआरओ ने भारत-पाकिस्तान व चीन की सीमा तक सड़क व पुलों का निर्माण तेज कर दिया है। रोड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर फोकस किया गया है। बीआरओ मनाली से लेकर सरचू तक पांच पुलों पर काम रहा है।

475 किलोमीटर लंबे मनाली-लेह मार्ग न केवल डबल लेन बन रहा है, बल्कि कई नदी-नालों से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे-3 पर डबल लेन पुलों का निर्माण भी युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। दूूसरी तरफ मनाली-लेह मार्ग पर केंद्र सरकार चार ट्रैफिक टनल भी बनाने जा रही है। इसमें बारालाचा टनल की डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। मनाली के साथ लगते कोठी, केलांग के साथ बिलिंग नाला, कमांडर नाला, दारचा के पास पटसेउ और सरचू के साथ योनम नाला में वैली ब्रिज इसी साल समर्पित किए जाएंगे। सिस्सू नाला, दारचा शांगडांग और जिंगजिंगबार दर्रा के पास मूनी और भागा पुलों का निर्माण भी बीआरओ जल्द शुरू करेगा। नदी-नाले व पुराने पुलों के बजाय सेना की कानवाई आसानी से लेह पहुंच सकेगी। बीआरओ के कमांडर कर्नल उमा शंकर ने कहा कि मनाली-लेह के बीच बीआरओ अलग-अलग जगहों पर पुलों का निर्माण कर रहा है। 

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