बादल के पद्म विभूषण लौटाने की पेशकश पर गृह मंत्रालय से मांगी गई जानकारी

बादल के पद्म विभूषण लौटाने की पेशकश पर गृह मंत्रालय से मांगी गई जानकारी

चंडीगढ़
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से पद्म विभूषण सम्मान वापस लिया जा सकता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी मांगी है। हालांकि अभी तक गृह मंत्रालय की ओर से इसकी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। गृह मंत्रालय द्वारा जवाब दिए जाने के बाद ही यह तय होगा कि सम्मान वापस लिया जाए या नहीं।

चंडीगढ़ से एक आरटीआई में यह जानकारी मांगी गई थी कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सम्मान लौटाए जाने की घोषणा के बाद क्या हुआ। राष्ट्रपति भवन से आरटीआई का ई-मेल के जरिए जवाब भेजा गया है।

इसमें बताया कि इस संबंध में गृह मंत्रालय को पत्र भेजा गया है, जिसमें पूछा गया है कि क्या सम्मान वापस लिया जा सकता है। कुछ और बिंदुओं को भी पत्र में शामिल किया गया है। 

बता दें कि किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने पिछले साल पद्म विभूषण सम्मान लौटाने की घोषणा की थी। प्रकाश सिंह बादल वर्ष 1947 से भारतीय राजनीति में सक्रिय हैं। पंजाब में प्रकाश सिंह बादल अकेले नेता हैं, जो पांच बार सूबे के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री को वर्ष 2015 में यह सम्मान पूर्व राष्ट्रपति स्व. प्रणब मुखर्जी ने दिया था।

तीन दिसंबर को राष्ट्रपति को भेजी थी चिट्ठी
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने तीन दिसंबर को राष्ट्रपति को चिट्ठी भेजी थी। इसमें लिखा था कि किसान अपने अस्तित्व को बचाने के लिए भीषण ठंड में सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं लेकिन उनकी बातों को नहीं सुना जा रहा है। 

क्या बोले थे शिअद सुप्रीमो
मैं इतना गरीब हूं कि किसानों के लिए कुर्बान करने के लिए मेरे पास कुछ और नहीं है। मैं जो भी हूं किसानों की वजह से हूं। ऐसे में अगर किसानों का अपमान हो रहा है तो किसी तरह का सम्मान रखने का कोई फायदा नहीं है। – प्रकाश सिंह बादल, पूर्व मुख्यमंत्री, पंजाब।

शिअद आगे भी ऐसे कई सम्मान लौटा सकता है
पूर्व मुख्यमंत्री पिछले साल ही पद्म विभूषण सम्मान लौटाने की घोषणा कर चुके हैं। साथ ही राष्ट्रपति को इस बाबत चिट्ठी भी लिख चुके हैं। ऐसे में अब सम्मान वापस लेने को लेकर कोई गुंजाइश शिअद को नहीं है। किसानों के लिए शिअद आगे भी ऐसे कई सम्मान लौटा सकता है। – महेश इंदर सिंह ग्रेवाल, पूर्व मंत्री, शिअद नेता।

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