फेसलेस सेवाओं का शुभारंभ कल: घर बैठे मिलेंगी परिवहन विभाग की सेवाएं

फेसलेस सेवाओं का शुभारंभ कल: घर बैठे मिलेंगी परिवहन विभाग की सेवाएं

नई दिल्ली
परिवहन विभाग की फेसलेस सेवाओं का मुख्यमंत्री 11 अगस्त को शुभारंभ करेंगे। इस सुविधा की शुरुआत से ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सहित वाहनों से संबंधित दस्तावेज के लिए आवेदकों को मोटर लाइसेंसिंग दफ्तर (एमएलओ) में जाने की जरूरत नहीं होगी। इस पहल से आवेदकों को वाहनों का पंजीकरण प्रमाण पत्र, लर्निंग लाइसेंस सहित कई दस्तावेज ऑनलाइन ही उपलब्ध होंगे। फिटनेस टेस्ट और स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए उन्हें दफ्तर जाना होगा।

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि फेसलेस सेवाओं की शुरुआत से दफ्तरों में न तो भीड़ होगी और न ही इंतजार करना होगा। स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन फिटनेस को छोड़कर सभी सेवाएं फेसलेस हो जाएंगी। इससे आवेदकों को परिवहन प्राधिकरण के चक्कर नहीं लगाने होंगे। इस पहल से दिल्ली देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां परिवहन संबंधी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।

परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा आईपी एस्टेट एमएलओ से सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। सराय काले खां और वसंत विहार कार्यालयों में ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस का ट्रायल चल रहा है। इसके तहत 50 से अधिक आवेदकों को लर्निंग लाइसेंस प्रदान किए जा चुके हैं। गहलोत ने ट्वीट में दिल्लीवासियों को बधाई देते हुए कहा कि फेसलेस सेवाएं शुरू होने से काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि ई-लर्निंग लाइसेंस टेस्ट में पास होने वाले देश के ऐसे दिल्लीवासी हैं, जिनके चेहरों की पहचान इस टेस्ट के जरिये की गई है। इस सेवा के शुरू होने से लोगों को न तो लंबी कतारों में इंतजार करना होगा और न ही मुश्किलें पेश आएंगी। फेसलेस सेवाओं के शुभारंभ की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए मोटर लाइसेंसिंग अधिकारियों के साथ बैठकों के बाद इस संबंध में निर्णय लिया गया।

ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी के लाखों मामले
फेसलेस सेवाओं के तहत ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण पत्र, डुप्लीकेट प्रतियां, पते में बदलाव, अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट और स्वामित्व के हस्तांतरण से संबंधित सेवाएं शामिल होंगी। सेवाएं ऑनलाइन होने पर वाहन मालिकों को केवल ड्राइविंग टेस्ट और फिटनेस टेस्ट के लिए एमएलओ दफ्तर जाने की जरूरत होगी। परिवहन विभाग के कार्यालयों में अधिकांश कार्य ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र से संबंधित हैं। 2019 में ड्राइविंग लाइसेंस की संख्या 10 लाख से अधिक थी, जबकि पंजीकरण प्रमाण पत्र से संबंधित करीब 13 लाख मामले थे।

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