फर्जी शिक्षण संस्थान चलाने वाले तीन निदेशक गिरफ्तार, 29 करोड़ की छात्रवृत्ति हड़पी

फर्जी शिक्षण संस्थान चलाने वाले तीन निदेशक गिरफ्तार, 29 करोड़ की छात्रवृत्ति हड़पी

शिमला
265 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाइलेट के नाम पर चल रहे नौ फर्जी शिक्षण संस्थानों के तीन निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने निदेशकों के घरों समेत अन्य पांच ठिकानों पर दबिश देकर अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में शिक्षण संस्थानों के निदेशक कृष्ण कुमार, राजदीप सिंह और बबिता राज्टा शामिल हैं। बबिता राज्टा मुख्य आरोपी अरविंद राज्टा की पत्नी है। 

आरोप है कि इन्होंने प्रदेश में फर्जी संस्थान खोलकर करीब 29 करोड़ की विभिन्न योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति हड़पी है। हैरानी इस बात की है कि बिना मान्यता के ही ये संस्थान वर्षों तक चलते रहे और शिक्षा विभाग उन्हें फर्जी दाखिलों के नाम पर करोड़ों की छात्रवृत्ति भी जारी करता रहा। सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक इन फर्जी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा निदेशालय के तत्कालीन अधीक्षक अरविंद राज्टा की पत्नी 33 फीसदी की हिस्सेदार थी। इस वजह से इन संस्थानों पर विशेष मेहरबानी बरती गई। 

कोटखाई और मोहाली में दी दबिश 
सीबीआई ने आरोपी निदेशक कृष्ण कुमार और राजदीप सिंह के मोहाली स्थित घरों में दबिश दी है। इसके अलावा सीबीआई ने बबिता राज्टा के भाई राकेश घास्टा के कोटखाई स्थित घर पर दबिश देकर अहम दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। निजी कंपनी चलाने वाले अरविंद राज्टा के भाई के हिस्सेदारों के ढली स्थित दो घरों में भी दबिश के दौरान सीबीआई को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं।   

आठ जनवरी को पत्नी की हिस्सेदारी का हुआ था खुलासा
अरविंद राज्टा की पत्नी की 33 फीसदी हिस्सेदारी को लेकर आठ जनवरी के अंक में ही खुलासा कर दिया था। नौ फर्जी संस्थान नाइलेट, स्किल डेवलपमेंट सोसायटी और आईटीआई के नाम पर प्रदेश में सालों तक चल रहे थे।