प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत प्रदेश में 1.18 लाख ऐसे बैंक खाते है जिनमे ज़ीरो बैलेंस है

प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत प्रदेश में 1.18 लाख ऐसे बैंक खाते है जिनमे ज़ीरो बैलेंस है

शिमला
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में आठ फीसदी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में तीन, निजी बैंकों में 25 और सहकारी बैंकों में 13 फीसदी बैंक खाते जीरो बैलेंस वाले हैं।

हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत विभिन्न बैंकों में खुले 17.36 लाख खातों में से 1.18 लाख अभी तक जीरो बैलेंस हैं। बैंकों में खाते खुलने के बाद से ग्राहकों ने एक रुपया भी इनमें जमा नहीं कराया है। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को वित्तीय सहायता देने के लिए केंद्र सरकार ने जनधन योजना में खाते खुलवाएं हैं।

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में वित्त सचिव अक्षय सूद ने बैंक प्रबंधकों को आगाह करते हुए जनधन योजना के सभी खातों को सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनधन योजना शुरू की थी। प्रदेश में 31 मार्च 2022 तक 17.36 लाख खाते प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए हैं।

72 फीसदी खाता धारकों को डेबिट कार्ड बैंकों की ओर से जारी किए गए हैं। 87 फीसदी खातों को आधार नंबर से जोड़ा गया है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में आठ फीसदी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में तीन, निजी बैंकों में 25 और सहकारी बैंकों में 13 फीसदी बैंक खाते जीरो बैलेंस वाले हैं।

प्रधानमंत्री जनधन योजना के प्रदेश में कुल सात फीसदी बैंक खाते ऐसे हैं, जिनमें कोई वित्तीय लेनदेन नहीं हुआ है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से बैंकों को जनधन योजना के तहत खाते खोलने का लक्ष्य दिया जाता है। ऐसे में यह भी आशंका है कि बैंकों की ओर से लक्ष्य पूरा करने के लिए कई ग्राहकों के फर्जी खाते भी खोले हैं। आने वाले दिनों में इसे लेकर भी राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति जांच कर सकती है।

चार हजार से ज्यादा जीरो बैलेंस वाले खाते
बैंक जीरो बैलेंस खाते
यूको बैंक 24,636
ग्रामीण विकास बैंक 15,457
पंजाब नेशनल बैंक 12,640
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 12,108
केनरा बैंक 10,575
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 7,779
राज्य सहकारी बैंक 6,786
एचडीएफसी बैंक 5,258
बैंक ऑफ बड़ौदा 4,645
कांगड़ा सहकारी बैंक 4,204
इनके अलावा और भी कई बैंक हैं, जिनमें जनधन योजना के जीरो बैलेंस खाते हैं।

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