प्रदेश में दस से ज्यादा निजी विश्वविद्यालयों के एजेंट फर्जी मार्कशीट बनाकर लाखों रुपये में बेच रहे हैं

प्रदेश में दस से ज्यादा निजी विश्वविद्यालयों के एजेंट फर्जी मार्कशीट बनाकर लाखों रुपये में बेच रहे हैं

शिमला
हिमाचल प्रदेश के दस से ज्यादा निजी विश्वविद्यालयों पर फर्जी  अंक तालिका  बनाने वाले रैकेट का साया पड़ गया है। एक विश्वविद्यालय (विवि) की फर्जी  अंक तालिका पाए जाने के बाद मिली शिकायत के आधार पर शुरू हुई पुलिस जांच में पता चला है कि एजेंट विश्वविद्यालयों की मार्कशीट फर्जी बनाकर लाखों रुपये में बेच रहे हैं। खास बात यह है कि एजेंटों ने बाकायदा मार्क्सशीट के खरीदारों से बातचीत के लिए टेलीकॉलर रखे हैं जो विश्वविद्यालय से मार्क्सशीट सत्यापित करवाने तक का ठेका लेते हैं। इसी वजह से शुरुआती दौर में विश्वविद्यालयों की भूमिका पर ही सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब पुलिस जांच में जो नए तथ्य सामने आए हैं, उससे साबित हो रहा है कि दलाल दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में फर्जी मार्क्सशीट बनाने का धंधा कर रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि जल्द इस मामले में भी मानव भारती विश्वविद्यालय के फर्जी डिग्री मामले की तरह ही बड़ा खुलासा हो सकता है। फिलहाल बद्दी पुलिस लगातार कई जगह दबिश देकर संदिग्ध लोगों से पूछताछ में जुटी है। नाम न लिखने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि बद्दी के एक विश्वविद्यालय ने जब सत्यापन के समय एक मार्कशीट को फर्जी पाया तो उसने हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग और बद्दी पुलिस से दिसंबर में इसकी शिकायत की थी। इसी शिकायत पर तफ्तीश शुरू हुई तो पता चला है कि दस से ज्यादा विश्वविद्यालयों की फर्जी मार्कशीट बनाकर बेची जा रही हैं।

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