प्रदेश के 15 लाख निजी वाहन मालिकों को राहत

प्रदेश के 15 लाख निजी वाहन मालिकों को राहत

शिमला
केंद्रीय आम बजट से हिमाचल प्रदेश के करीब 15 लाख निजी वाहन मालिकों को राहत मिल सकती है। व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी (नई वाहन कबाड़ नीति) के तहत निजी वाहन मालिकों को अब 15 साल के बजाय 20 साल की अवधि  तक वाहनों का पंजीकरण करवाना होगा। व्यावसायिक वाहनों के पंजीकरण के लिए यह अवधि 15 साल तय की गई है। गाड़ियों की फिटनेस के लिए प्रदेश में ऑटोमेटेड सेंटर बनाए जाएंगे। यहां वाहनों की फिटनेस का पता चलेगा। 

हिमाचल में 17 लाख 91 हजार 176 वाहन हैं। इनमें मालवाहक वाहनों की संख्या 1 लाख 55 हजार 984 है। मोटर कैब 27 हजार 133, मैक्सी कैब 12 हजार 394, थ्री व्हीलर 7 हजार 734, स्टेज कैरेज बसें 6 हजार 428 हैं। इसी तरह प्राइवेट वाहनों में स्कूटर और मोटरसाइकिल की संख्या 9 लाख 47 हजार 217 है। मोटर कार 5 लाख 54 हजार 180 हैं।

प्राइवेट सर्विस व्हीकल की संख्या 80 हजार 106 है। परिवहन विभाग का मानना है कि हिमाचल में 20 साल की अवधि तक पंजीकरण किए जाने से लोगों को फायदा होगा। परिवहन विभाग पर भी पंजीकरण करवाने का भार कम होगा। अधिकारियों का मानना है कि अधिसूचना जारी होने पर ही स्थिति साफ हो पाएगी। 

– व्यवसायिक वाहनों की संख्या 2 लाख 09 हजार 673 
– निजी वाहनों की संख्या 15 लाख 01 हजार 397
– निजी सर्विस व्हीकल की संख्या  80 हजार 106 

स्थानीय निकाय और अमरूत शहरों से उठाए जाने वाला तरल अपशिष्ट का होगा निष्पादन  
केंद्र सरकार ने आम बजट में जल जीवन मिशन शहरी योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना से शहरी निकायों के लोगों को फायदा होगा। योजना के तहत 2.87 लाख करोड़ के परिव्यय के साथ पांच वर्षों में लागू किया जाएगा। स्थानीय निकाय और अमरूत शहरों से तरल अपशिष्ट का निष्पादन किया जाएगा। इसके लिए हर घर का सर्वेक्षण होगा। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आवास और शहरी मामलों के विभाग के लिए 54,581 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो पिछले बजट आवंटन की तुलना में 4000 करोड़ से अधिक है। बजट बढ़ने से राज्यों को धन का प्रवाह बढ़ेगा।

स्मार्ट सिटी और अमरूत मिशन के बजट में बढ़ोतरी करने से भी प्रदेश के लिए सकारात्मक संकेत हैं। स्वच्छ भारत मिशन में 4,378 शहरी स्थानीय निकायों, 500 अमरूत शहरों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन किए जाने की घोषणा की है। इसमें हिमाचल के शहर भी शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि शहरी स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण को 1 लाख 41 हजार 687 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ लांच किया जाएगा, जिसका प्रदेश को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में घर घर सर्वेक्षण अभियान शुरू किया है, जो स्रोत पर अपशिष्ट अलगाव पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

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