पैसों की हेराफेरी में फंसे केंद्रीय मंत्री रहमान खान

नई दिल्ली (वीरेन्द्र खागटा) केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रहमान खान पर एक सहकारी बैंक के धन के दुरुपयोग का आरोप लगा है। कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने शुक्रवार को लोकायुक्त के समक्ष खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन पर अमानत सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर रहते हुए लोगों के पैसे में हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग की है। वहीं खान ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।

राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अनवर मनीपादी ने उपलोकायुक्त एसबी मजागे के समक्ष खान और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। प्रदेश में लोकायुक्त का पद रिक्त है। शिकायत में कहा गया है कि खान ने 10 साल पहले बैंक का चेयरमैन रहते 300 करोड़ रुपये से ज्यादा धन का दुरुपयोग किया। आयोग को छह नवंबर को एस अहमद अब्दुल्ला ने धन के दुरुपयोग की शिकायत की थी। मनीपादी ने कहा कि जांच में आरोपों को सही पाया गया। इसी के बाद लोकायुक्त के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई।

इस शिकायत के बाद भाजपा ने रहमान खान से इस्तीफे की मांग की है। पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि खान को नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। वहीं दूसरी ओर खान ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये सब राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा की सरकार है और अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन उसी की ओर से काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं और मेरी लोकप्रियता की वजह से भाजपा इसे एक मुद्दा बनाना चाहती है। भाजपा द्वारा इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा पहले अपने उपमुख्यमंत्री ईश्वरप्पा का इस्तीफा ले, जिनके घर पर छापा मारा गया।

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