पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी की मुश्किलें बढ़ीं, भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज

पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी की मुश्किलें बढ़ीं, भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज

मोहाली (पंजाब)
पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी की मुश्किलें फिर बढ़ गईं हैं। विजिलेंस ब्यूरो फ्लाइंग स्क्वाड-1 ने सैनी समेत छह लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अन्य आरोपियों में पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी इंजीनियर निम्रतदीप सिंह, सुरिंदर जीत सिंह, अजय कौशल, प्रद्युम्न सिंह और अमित सिंगला शामिल हैं। 

विजिलेंस ने सैनी की गिरफ्तारी के लिए सोमवार को चंडीगढ़ स्थित उनकी कोठी समेत कई जगह दबिश दी लेकिन वह नहीं मिले। जानकारी के मुताबिक, विजिलेंस ब्यूरो की ओर से दर्ज केस में बताया गया है कि निम्रतदीप सिंह के परिवार ने एक अप्रैल 2004 से लेकर 10 दिसंबर 2020 तक करीब 35 अचल संपत्तियां बनाईं हैं। इनमें चंडीगढ़ के सेक्टर-20 की कोठी नंबर 3048 भी शामिल है। 

निम्रतदीप सिंह के पिता सुरिंदरजीत सिंह ने अपनी कोठी का फर्स्ट फ्लोर ढाई लाख रुपये के हिसाब से 11 महीने के लिए सुमेध सिंह सैनी को किराए पर दिया था। यह एग्रीमेंट 15 अक्तूबर 2018 को हुआ था। एफआईआर के मुताबिक, ऐसे में 11 महीने का कुल किराया 27.5 लाख रुपये बनता था लेकिन एग्रीमेंट के शुरू होने से पहले ही सैनी ने 40 लाख रुपये सिक्योरिटी मनी और दो महीने का एडवांस किराया पांच लाख रुपये उन्हें दे दिया था।

सैनी की ओर से इस दौरान कुल 45 लाख का भुगतान किया गया, जो कि 11 महीने के किराए से ज्यादा है। इसके अलावा सैनी ने अगस्त 2018 से अगस्त 2020 तक सुरिंदरजीत सिंह के खाते में 6.40 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए, जबकि यह भुगतान रेंट डीड के नियमों और शर्तों के मुताबिक नहीं है। इसके अलावा दो करोड़ रुपये का और भुगतान भी किया गया है।

बता दें कि पिछले साल सितंबर में विजिलेंस ने एक रियल स्टेट प्रोजेक्ट से जुड़े कंपनी प्रबंधकों, निम्रतदीप सिंह और सुरिंदरजीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार एक्ट की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। इसी बीच 16 जुलाई, 2021 को केस की सुनवाई हुई तो जिला अदालत ने चंडीगढ़ स्थित उस कोठी को अस्थायी रूप से अटैच करने का आदेश दिया था, जहां पर सैनी किराए पर रह रहे थे।

साथ ही अदालत ने यह आदेश भी दिया था कि सैनी ढाई लाख रुपये का जो मासिक किराया देते हैं, वह भी सरकारी खजाने में जमा किया जाए। इस तरह विजिलेंस ने अपनी एफआईआर में कहा है कि सितंबर 2020 में निम्रतदीप सिंह और उसके पिता को तीन नोटिस भेजे गए थे। इनमें उन्होंने दो का जवाब दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका किराएदार से संपर्क नहीं हो पा रहा है, वह दिल्ली में हैं। इसके बाद एक और नोटिस उन्हें दिया गया था, जिसका वह कोई उचित जवाब नहीं दे पाए।

निम्रतदीप सिंह के 22 बैंक खातों में करोड़ों रुपये
जांच में निम्रतदीप सिंह के परिवार के करीब 22 बैंक खाते मिले हैं। इनमें चार करोड़ 88 लाख 4 हजार 934 रुपये जमा हैं। इसके अलावा करीब 11 करोड़ 18 लाख 78 हजार रुपये की एफडी है। वहीं, 2 करोड़ 12 लाख 6 हजार 825 रुपये की विदेशी करेंसी खरीदी गई है। इसके अलावा करीब 10 करोड़ बैंक खातों के माध्यम से फुटकर खर्च किए गए हैं।

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