पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचान : सीएम जयराम

पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचान : सीएम जयराम

शिमला
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि इस कार्यक्रम को भव्य रूप से करेंगे। रोड शो के बारे में पीएमओ से जो भी निर्देश होंगे, उस हिसाब से योजना बनेगी। आठ साल का कार्यकाल पूरा होने पर वह पूरे राष्ट्र को रिज के मैदान से संबोधित करेंगे।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि आठ साल का कार्यकाल पूरा होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को 10:30 बजे शिमला पहुंचेंगे। 11 बजे वह रिज मैदान के मंच पर होंगे। वह देश भर के सभी मुख्यमंत्रियों के बाद हर जिला मुख्यालय में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद करेंगे। आठ साल का कार्यकाल पूरा होने पर वह पूरे राष्ट्र को रिज के मैदान से संबोधित करेंगे। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि इस कार्यक्रम को भव्य रूप से करेंगे। रोड शो के बारे में पीएमओ से जो भी निर्देश होंगे, उस हिसाब से योजना बनेगी।

भारत को मिली बैश्विक पहचान…
ठाकुर ने कहा कि पीएम मोदी हिमाचल के लोगों से नजदीकी महसूस करते हैं। वे अपने कार्यकाल के 8 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर रहे होंगे। इस अवसर पर, हम भाग्यशाली हैं कि वे यहां आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत को वैश्विक पहचान मिली है।

मोदी की रैली को सफल बनाने के लिए 15 उप समितियां बनाईं
पीएम नरेंद्र मोदी की रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा की 15 उप समितियां बनाई हैं। यह समन्वय, आवास, यातायात, पार्किगिं, साज-सज्जा, सोशल मीडिया, मीडिया, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा से संबंधित हैं। वीरवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने 31 मई को शिमला के रिज पर होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को लेकर संचालन समिति की समीक्षा बैठक ली। इस संचालन समिति में 15 उप समितियां शामिल की गई हैं, जो भाजपा की ओर से सभी व्यवस्थाओं का ध्यान रखेंगी।
एबीवीपी अपनी अलग पहचान बनाने में रही सफल: मुख्यमंत्री
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पीटरहॉफ में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रही है। आज यह देश व विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बन गया है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी संगठन को मजबूत करने और युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए आगे बढ़ रही है। एबीवीपी ने जो कर दिखाया है, वह बाकी संगठन नहीं कर पाए हैं।

उन्होंने कहा कि आज उन्हें अपनी पुरानी समृतियों का समरण करने का मौका मिला है। जहन में एबीवीपी में बीताई सभी यादों की परतें ताजा हो गईं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पंडितों के साथ हुई अत्याचार के समय उन्हें वहां जाने का मौका मिला। उस समय एबीवीपी के 10 हजार से अधिक कार्यकर्ता जम्मू पहुंचे, लेकिन उन्हें आगे नहीं जाने दिया। एबीवीपी अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में सफल रही।

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