पहले नमी तो अब गेट पास अड़चन, मंडियों से बाहर नहीं निकल पा रहा अनाज

पहले नमी तो अब गेट पास अड़चन, मंडियों से बाहर नहीं निकल पा रहा अनाज

चंडीगढ़
हरियाणा में धान खरीद शुरू हुए पांच दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी भी खरीद सुचारु नहीं हो पाई है। पहले नमी खरीद में बाधा बनी और अब गेट पास नहीं मिलने से अड़चन आ रही है। मंडियों में से धान के बाहर आने के लिए आढ़तियों और मिलर्स को गेट पास मिलने में देरी हो रही है। इस कारण मंडियां अनाज से भरने लगी हैं। इससे किसान, आढ़तियों समेत राइस मिलर्स भी परेशान हैं। 

मंडियों में अनाज लाने के लिए पहले गेट पास लेना होता है। इसके बाद जब धान की खरीद हो जाती है तो उसे बाहर जाने के लिए गेट पास देना होता है। पहले यह कार्य मैनुअली होता था, लेकिन इस बार सरकार ने इसे ऑनलाइन कर दिया है। पहले खरीद एजेंसी गेट पास देगी और इसके बाद मार्केट कमेटी बाहर जाने के लिए गेट पास जारी करेगी।

प्रक्रिया लंबी होने और पोर्टल सही तरीके से नहीं चलने के कारण निकासी गेट पास कम काटे जा रहे हैं। अब तक 739 निकासी गेट पास ही काटे गए हैं। इस कारण करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, अंबाला समेत अन्य जिलों में मंडियां भर गई हैं। निकासी नहीं हो पाने के कारण राइस मिलर्स भी खरीद प्रक्रिया में पूरी तरह से शामिल नहीं हो रहे हैं। राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान हंसराज सिंगला ने कहा कि गेट पास नहीं कटने से खरीद सुचारु नहीं हो पा रही है। 

एक लाख एमटी धान की खरीद 
वीरवार को प्रदेश की 200 से अधिक मंडियों में एक लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। अब तक कुल 4,56,220 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। अंबाला जिले में 79,493 एमटी, कैथल 60,014 एमटी, कुरुक्षेत्र में 1,32,924 एमटी, करनाल में 77,049 और यमुनानगर में 79,289 एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। अब तक 47776 किसानों द्वारा अपनी धान की फसल को बेचने के लिए ई-खरीद पर शेड्यूिलंग की गई है। 
खरीद के साथ साथ मंडियों में धान उठान का कार्य भी शुरू हो चुका है। परिवहन ठेकेदार नियुक्त किए जा चुके हैं। खरीद के लिए प्रदेश में कुल 1036 राइस मिल पंजीकृत की गई हैं। राज्य सरकार द्वारा मंडियों में धान खरीद प्रक्रिया को सुचारु करने और निरीक्षण के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। -अनुराग रस्तोगी, एसीएस, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग।

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