पढ़ा नहीं है, पर परीक्षाएं देंगे

रोनहाट (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हलांह में दो वर्षों से शिक्षकों के करीब एक दर्जन पद रिक्त पड़े हुए हैं। जिसके चलते इस स्कूल में पढ़ने वाले करीब 450 बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है।
नाया पंजोड़ पंचायत प्रधान भारत भूषण मोहिल, लोजा मानल केप्रधान जगदीश चंद, हलाहं पंचायत प्रधान ममता देवी सहित ग्रामीण मनीराम, सुरेंद्र सरस्वती, धर्मपाल शर्मा, जालम सिंह, जगत सिंह और नेत्र सिंह ने बताया कि हलांह स्कूल में दो वर्षों से शिक्षकों के करीब दर्जन भर पद रिक्त पड़े हुए हैं। ऐसे में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों को अपने बच्चों की चिंता सताने लगी है।
उन्होंने बताया कि इस स्कूल में पंजोड़, हलांह, देवथल, लोजा मानल, नाया, कफेलनू, तांदियों और मानल आदि गांव के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं, लेकिन बिना शिक्षकों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जबकि अगले माह मार्च में बच्चों की वार्षिक परीक्षा होनी है। ऐसे में बच्चों को बिना शिक्षकों के ही वार्षिक परीक्षा की तैयारी करनी पड़ रही है। स्कूल के एसएमसी अध्यक्ष बीआर चौहान ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना जिला उप निदेशक नाहन को भी दी, लेकिन उसके बाद भी यहां पर रिक्त पदों की भर्ती नहीं की गई।
उन्होंने बताया कि हलांह स्कूल में इस समय प्रधानाचार्य, हिंदी, अर्थशास्त्र, भूगोल शास्त्र, मेथ, ड्राइंग, टीईटी, टीजीटी नान मेडिकल, टीजीटी मेडिकल, एलटी और पीटीआई के पद रिक्त पड़े हुए हैं। स्कूल के कार्यकारी प्रधानाचार्य राजकुमार ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते एक शिक्षक को दो या तीन विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं। वहीं इस संबंध में शिक्षा विभाग जिला उच्च निदेशक नाहन अनिल कश्यप ने बताया कि हलांह स्कूल का प्रस्ताव उच्च अधिकारी शिमला को भेज दिया गया है। इसी वर्ष शिक्षकों के कुछ पद भर दिए जाएंगे।

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