पंचायत सहायक सस्पेंड, प्रधान की कुर्सी खतरे में

पंचायत सहायक सस्पेंड, प्रधान की कुर्सी खतरे में
सोलन। कोटली पंचायत में धन के दुरुपयोग के मामले में पंचायत सहायक को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पंचायत प्रधान की कुर्सी भी खतरे में है। जांच में आरोप तय होने पर जिला पंचायत अधिकारी ने नियम अनुसार कार्रवाई की है।
पंचायत सहायक लेखराज को भारमुक्त करते हुए आरोप पत्र एक सप्ताह में दायर किया जा रहा है। दूसरी तरफ पंचायत प्रधान यशपाल को सात दिनों के भीतर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है। इसकी पुष्टि जिला पंचायत अधिकारी एमएस नेगी ने की है।

यह है पत्र संख्या 5573-78 में
सोलन। इस पत्र में कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जिला पंचायत अधिकारी ने कहा है कि ग्राम पंचायत कोटली विकास खंड कुनिहार के प्रधान यशपाल पर सरकारी धन के दुरुपयोग में तीन आरोप संलिप्त पाए गए हैं।

01 आरोप तय
पंचायत सचिव की तरफ से 24-11-2009 के पश्चात विभाग के माध्यम से जितनी भी सरकारी धनराशि पंचायत को दी गई है, उसका कोई इंद्राज नहीं है। वहीं पंचायत प्रधान हिमाचल प्रदेश पंचायती राज वित्त नियम 2002 अनुसार आहरण एवं वितरण अधिकारी नियुक्त है।

02 आरोप तय
ग्राम पंचायत कोटली के सामान्य खाता संख्या 7022 जोगिंद्र सेंट्रल बैंक से दिनांक 24.11.2009 से 4.12.2012 तक 26 लाख 04 हजार 990 रुपये की राशि का आहरण किया गया है और 30 लाख 77 हजार 909 की राशि बैंक में जमा करवाई गई। लेकिन आहरण व वितरण राशि का कोई लेखा जोखा निरीक्षण अधिकारी को प्रस्तुत नहीं किया गया।

03 आरोप
प्रधान ने 17.04.2009 से 24 11 2009 तक नियमों को ताक पर रखकर सरकारी धनराशि को नकद शेष के रूप में आपने पास रखा। 24.11. 2009 से निरीक्षण के दिन तक नगद शेष राशि 12088 ग्राम पंचायत में जमा न करवाकर धन का दुरुपयोग किया है।

कार्रवाई
जिला पंचायत अधिकारी के मुताबिक स्पष्ट होता है कि सभी आरोपों में प्रधान संलिप्त पाए गए हैं। लिहाजा वे विकास खंड कुनिहार के पंचायत प्रधान जैसे गरिमामय पद पर बने रहने योग्य नहीं हैं। लिहाजा नोटिस देते हुए सात दिनों तक जवाब मांगा है।

यह है 5579-85 पत्र में
पंचायत सहायक लेख राज की तरफ से ग्राम पंचायत के महत्वपूर्ण रिकार्ड (रोकड़ बही) को 24-11-209 तक न भरने और विकास कार्यों से संबंधित प्रगति सूचना न करने में संलिप्तता पाई गई है। विवादित मामलों में सत्यतता जानने के लिए अभिलेखों का निरीक्षण किया जाना आवश्यक है। संदेह है कि संबंधित कर्मचारी की तरफ से पंचायत रिकार्ड में घेर फेर किया जा सकता है। लिहाजा पंचायत सचिव लेखराज को निलंबित किया जाना आवश्यक है। जिला पंचायत अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पंचायत सहायक को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान पंचायत सचिव अपनी ड्यूटी बीडीओ कार्यालय कुनिहार में देंगे।

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