पंचायत ने गांव से था निकाला, अब होगी कार्रवाई

पंचायत ने गांव से था निकाला, अब होगी कार्रवाई

चंडीगढ़
पंजाब के बठिंडा जिले के विरक कलां गांव में पंचायत के फरमान के कारण एक व्यक्ति पिछले एक साल से बेघर घूम रहा है। उस व्यक्ति का जुर्म सिर्फ इतना था कि उस पर गांव के ही कुछ लोगों ने चोरी का आरोप लगाया गया था। पंजाब के अनुसूचित जाति आयोग को की गई शिकायत में इस मामले का खुलासा हुआ है। 

आयोग ने बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी को तत्काल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। आयोग की चेयरपर्सन तजिंदर कौर ने बताया कि विरक कलां गांव के राम सिंह ने आयोग के पास शिकायत की थी कि चोरी के आरोप में पंचायत ने एक साल पहले उसे लिखित नोटिस भेजा था। इसमें कहा गया था कि वह सात दिन में अपना गांव वाला घर छोड़कर चला जाए। ऐसा नहीं करने पर उसका सामान उठाकर गांव से बाहर रख दिया जाएगा। 

शिकायतकर्ता ने बताया कि वह एक साल से गांव छोड़कर बाहर दर-दर की ठोकरें खा रहा है। राम सिंह ने डिप्टी कमिश्नर को भी शिकायत की थी जिसकी जांच उप मुख्य कार्यकारी अफसर, जिला परिषद, बठिंडा ने की थी। पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय शिकायत को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया गया। पीड़ित ने बताया कि बेघर होने के कारण वह अपने बच्चों की पढ़ाई भी पूरी नहीं करा पाया।

आयोग की जांच में हुई पुष्टि
तेजिंदर कौर ने बताया कि आयोग ने दो सदस्यीय समिति गठित की। समिति के सदस्यों ज्ञान चंद और प्रभुदयाल ने गांव जाकर पड़ताल की तो पता चला कि पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं। गांव के सरपंच ने मौके पर बयान दिया कि गांव के अन्य व्यक्तियों ने मुझे मजबूर करके यह हुक्म जारी करवाया था। 

क्या बनती हैं धाराएं
आयोग की चेयरपर्सन ने सिफारिश की है कि राम सिंह का मामला अत्याचार निवारण एक्ट 1989 (संशोधित 2018) की धारा 3(1)(जेड) के दायरे में आता है। इस मामले में कानूनी राय लेकर प्रस्ताव पास करने वालों, प्रस्ताव लिखने वाले पंचायत सचिव और राम सिंह की शिकायत को दरकिनार करने वाले जिला परिषद के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पुनर्वास कराएं अधिकारी
आयोग ने बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर को पीड़ित व्यक्ति को लाकर उसके गांव में पुनर्वास करवाने के लिए कहा है। साथ ही सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग को पीड़ित को योजना के तहत उचित मुआवजा देने को कहा है। 
यह मामला काफी गंभीर है। बठिंडा के जिम्मेदार अधिकारियों से 10 मई को इस मामले में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। साथ ही तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है।- तेजिंदर कौर, चेयरपर्सन, एससी आयोग, पंजाब।

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