न्यूनतम बस किराये में दो रुपये कटौती करने की तैयारी, चुनावी साल में तोहफा

न्यूनतम बस किराये में दो रुपये कटौती करने की तैयारी, चुनावी साल में तोहफा

शिमला
चुनावी साल में सरकार प्रदेश के लोगों को न्यूनतम बस किराये में दो रुपये की कटौती का तोहफा देने की तैयारी कर रही है। साल के पहले ही माह न्यूनतम बस किराया सात से घटाकर पांच रुपये करने की अधिसूचना जारी हो सकती है। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने परिवहन विभाग को इसे लेकर प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा समय में न्यूनतम बस किराया सात रुपये होने के चलते सूबे में चल रही निजी और सरकारी बसों में कुछ कंडक्टर सवारियों से 10 रुपये लेकर 3 रुपये बकाया नहीं लौटा रहे। मुख्यमंत्री सेवा संकल्प 1100 पर भी लोग इसे लेकर मुख्यमंत्री को शिकायतें भेज रहे हैं। चुनावी साल में सरकार लोगों की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती। समस्या के स्थायी समाधान के लिए न्यूनतम बस किराया दो रुपये कम करने की तैयारी है। कोरोना के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे आम लोगों के लिए न्यूनतम बस किराये में कटौती का फैसला राहत भरा साबित हो सकता है।
बकाया न लौटाने की मिल रही शिकायतें : बिक्रम 
परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने बताया कि न्यूनतम बस किराया सात रुपये होने के चलते बसों में यात्रियों को बकाया न लौटने की शिकायतें मिल रही हैं। लोगों को राहत देने के लिए न्यूनतम बस किराया पांच रुपये करने की तैयारी है। जल्द सरकार इसे लेकर फैसला लगी।
चार साल में सरकार ने दो बार बढ़ाया किराया
मौजूदा सरकार ने 4 साल के कार्यकाल में दो बार बस किराया बढ़ाया। सितंबर 2018 में सामान्य किराये में 20 से 25 फीसदी बढ़ोतरी कर न्यूनतम किराया 3 से 6 रुपये कर दिया था। हालांकि लोगों के विरोध के बाद अगले ही महीने अक्तूबर में न्यूनतम किराया 5 रुपये कर दिया गया। इसके बाद कोरोना काल में जुलाई 2020 में एक बार फिर बस किराये में 25 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई और न्यूनतम किराया 5 से बढ़ा कर 7 रुपये कर दिया गया।

प्रदेश में यह है प्रति किलोमीटर किराये की दरें
पहाड़ी क्षेत्र 2.19 रुपये प्रति किलोमीटर
मैदानी क्षेत्र 1.40 रुपये प्रति किलोमीटर

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