नाबालिग का अगवा व दुराचार के आरोपी को कैद

मंडी। नाबालिग को शादी का झांसा देकर अगवा करने और उससे दुराचार करने का अभियोग साबित होने पर अदालत ने एक आरोपी को सात साल के कठोर कारावास और 4500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
जिला एवं सत्र न्यायधीश वीरेंद्र सिंह के न्यायालय ने सरकाघाट तहसील के खरसाल निवासी बलदेव सिंह पुत्र नानक चंद के खिलाफ भादंसं की धारा 376, 363, 366 और 342 के तहत अभियोग साबित होने पर क्रमश: सात साल, तीन-तीन साल की कठोर और दो माह के साधारण कारावास की सजा तथा 4500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना राशि अदा न करने पर उसे दो माह, एक-एक माह और 15 दिन की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस मामले के शिकायतकर्ता लाल सिंह ने 12 फरवरी, 2012 को सरकाघाट पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। आरोपी नाबालिगा को बहला फुसला कर अपने साथ जिला सिरमौर ले गया था। पुलिस ने नाबालिग को 42 दिनों के बाद तलाश करके उसे परिजनों को सौंपा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था। जिला न्यायवादी जेके लखनपाल ने इस मामले में 11 गवाहों के बयान कलमबंद करके आरोपी के खिलाफ अभियोग साबित किया। अभियोजन पक्ष का कहना था कि आरोपी ने नाबालिग से दुराचार किया है। इस कारण आरोपी के प्रति नरम रुख न अपनाया जाए। अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी पर नाबालिगा को उसके अभिभावकों की अनुमति के बिना शादी का झांसा देकर अगवा करने और उससे दुराचार का अभियोग साबित हुआ है। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में नरम रुख नहीं अपनाया जा सकता। इसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

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