धान खरीद: ज्यादा नमी बन रही बाधा, किसानों ने कुरुक्षेत्र-कैथल में लगाया जाम, कई जगह हंगामा

धान खरीद: ज्यादा नमी बन रही बाधा, किसानों ने कुरुक्षेत्र-कैथल में लगाया जाम, कई जगह हंगामा

हरियाणा
हरियाणा की मंडियों में अब तक करीब 25 लाख क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। जबकि तीन दिन में सरकार की ओर से 60375 किसानों की 3.84 लाख टन धान के ही गेट पास काटे गए हैं। इसके अलावा, 18181 किसानों के 1.13 लाख टन की बोली हुई है। ई खरीद पोर्टल के अनुसार, अब तक 5298 किसानों की 35 हजार टन धान के बदले 68 करोड़ के जे फार्म काटे गए हैं। 

हरियाणा में तीसरे दिन भी अनाज मंडियों में धान की खरीद सुचारु नहीं हो पाई है। मंडियों में अब तक करीब 25 लाख क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। कुछ मंडियों में खरीद जरूर की गई लेकिन नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से ज्यादा होने के कारण एजेंसियां खरीद से पीछे हट रहीं हैं। इससे किसान गुस्सा में उबल रहे हैं। खरीद नहीं होने से गुस्साए किसानों ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र में नेशनल हाईवे-44, पिहोवा, लाडवा, इस्माईलाबाद और कैथल चौक पर जाम लगा दिया। वहीं, अन्य मंडियों में भी किसान और प्रशासन आमने-सामने दिखे।

करनाल, पानीपत में एजेंसियों द्वारा नाम मात्र की खरीद शुरू की गई है, क्योंकि अभी राइस मिलर्स अनाज मंडियों में नहीं आए हैं। खरीद न होने पर यमुनानगर में किसानों ने नारेबाजी की। इसी प्रकार, हिसार में नमी 20 से 25 फीसदी तक होने के चलते अब तक केवल 31 किसानों से 350 क्विंटल धान ही खरीदा जा सका है। जिले की मंडियों में 160 से अधिक किसान अपनी धान की फसल बिकने का इंतजार कर रहे हैं। सिरसा के 22 केंद्रों पर करीब 150 क्विंटल धान की खरीद की गई। साथ ही नरमे की भी प्राइवेट बोली हुई। 

फतेहाबाद की अनाज मंडी में खरीफ फसल की खरीद शुरू हो गई है। अभी तक रतिया व धारसूल की अनाज मंडी में खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। टोहाना, रतिया व धारसूल क्षेत्र में सबसे अधिक धान होता है। टोहाना, रतिया में मंडी मजदूरों की हड़ताल के कारण सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है जबकि धारसूल में मंगलवार को खाद्य आपूर्ति विभाग को खरीद करनी थी लेकिन खरीद एजेंसी के अधिकारी मंडी में नहीं पहुंचे। कुछ इसी प्रकार के हालात रोहतक जोन के जिलों के हैं। 

एक दो दिन में स्थिति होगी सामान्य 
एक साथ अधिक संख्या में किसानों के मंडियों में आने की वजह से धान की खरीद में कभी-कभी समस्या हो जाती है। सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि एक-दो दिन में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। – अनुराग रस्तोगी, एसीएस, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग। 

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