तीन सौ गांवों में बिजली-पानी ठप

कुल्लू। फलों की घाटी से मशहूर कुल्लू जिला केकिसानों और बागवानों के लिए खुशियां लेकर आई ताजा बर्फबारी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तीन दिन से लगातार बारिश और बर्फबारी से जिला की रफ्तार रुक गई है। सड़कें बंद हैं और बिजली तथा पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है।
जिला की करीब 80 पंचायतों के 300 गांव हिमपात के चलते प्रभावित हैं। बाह्य सराज की 58 पंचायतें पूरी तरह जिला मुख्यालय से कट गई हैं। लोगों को अपने जरूरी काम निपटाने के लिए मंडी होकर आना पड़ रहा है। बाया शिमला का रास्ता भी बर्फबारी से बंद पड़ा है। जिला में पानी, बिजली और सड़कों की बेहाल स्थिति से जूझ रहे ग्रामीण इलाकों में कृषि तथा बागवानी संबंधी तमाम कार्य भी ठप पड़े हैं। ग्रामीण कड़ाके की इस सर्दी में अपने घरों में दुबकने को विवश हैं।
कुल्लू में 72 घंटे तक लगातार जारी बर्फबारी कृषि और बागवानी के लिए वरदान मानी जा रही है, लेकिन बर्फ के चलते ग्रामीण अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। बंजार घाटी की डेढ़ दर्जन पंचायतों समेत टील, थाचाधार, गाड़ागुशैणी, सराज, सोझा, खौली, पेड़चा, पाटन, घाट, तुंग तथा बठाहड़ गांव सड़क से कट गए हैं।
आनी और निरमंड खंड की 30 पंचायतों का संपर्क अन्य क्षेत्रों से कट चुका है। कुल्लू की लगवैली और मणिकर्ण घाटी की दर्जन के करीब पंचायतों के लोगों की गुजरबसर में बर्फ और बारिश रोड़ा बनी हुई है। ऊ झी घाटी की दो दर्जन पंचायतों का संपर्क कटने से लोगों आनाजाना दुश्वार हो गया है। वीरवार को तीसरे दिन कुल्लू घाटी में जोरदार बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहा।
डीसी शरभ नेगी ने कहा कि लगातार बारिश और बर्फबारी से ग्रामीण क्षेत्रों में खासा असर पड़ा है। बिजली, पानी और सड़क सेवा ठप रहने से लोगाें को मुश्किलें हो रही हैं। प्रशासन इस पर पूरी नजर बनाए हुए है। विभागीय अधिकारियों को मूलभूत सुविधाएं जल्द बहाल करने को कहा है।

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