टोल प्लाजा स्थापित करेगा बीआरओ, मुफ्त नहीं होगी अटल टनल की सैर

टोल प्लाजा स्थापित करेगा बीआरओ, मुफ्त नहीं होगी अटल टनल की सैर

केलांग (लाहौल-स्पीति)
अटल टनल के रखरखाव में रोजाना लाखों रुपये का खर्चा आ रहा है। टनल का रखरखाब लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया है। लिहाजा, सरकार का बोझ कम करने के लिए बीआरओ ने साउथ पोर्टल में टोल प्लाजा स्थापित करने की योजना बनाई है।

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) देश में पहली बार किसी हाईवे पर अपना टोल प्लाजा स्थापित करने जा रहा है। दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर बनी सबसे लंबी यातायात सुरंग अटल टनल रोहतांग से गुजरने से पहले अब पर्यटक वाहनों से टोल टैक्स वसूला जाएगा। स्थानीय लोगों से वसूली पर अभी फैसला नहीं हुआ है।

टनल के साउथ पोर्टल में धुंधी के समीप टोल प्लाजा स्थापित किया जाएगा। बीआरओ की अटल टनल परियोजना ने इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है। बीआरओ को इस गर्मी के सीजन में इसकी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि अटल टनल के रखरखाव में रोजाना लाखों रुपये का खर्चा आ रहा है। टनल का रखरखाब लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया है। लिहाजा, सरकार का बोझ कम करने के लिए बीआरओ ने साउथ पोर्टल में टोल प्लाजा स्थापित करने की योजना बनाई है।

टोल प्लाजा से एकत्रित होने वाली राशि को अटल टनल के रखरखाव में खर्च किया जाएगा। हालांकि अभी तक यह तय नहीं किया गया है कि किस तरह के वाहनों से कितना शुल्क टोल प्लाजा में लिया जाएगा। 3 अक्तूबर 2020 को टनल के उद्घाटन के बाद अब तक यहां से करीब 18 लाख से अधिक वाहन आरपार हो चुके हैं। हालांकि बीआरओ ने प्रस्तावित शिंकुला टनल से पीछे लाहौल के जिस्पा के समीप भी टोल प्लाजा स्थापित करने की योजना को लेकर लाहौल-स्पीति प्रशासन को पत्र लिखा था, लेकिन स्थानीय पंचायतों ने इसके लिए अपनी स्वीकृति देने से इनकार कर दिया है।

अटल टनल के साउथ पोर्टल में टोल प्लाजा स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है। केंद्र से इस प्रपोजल पर मंजूरी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। – जितेंद्र प्रसाद, मुख्य अभियंता, योजक परियोजना

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