टोपी तो पहनी ‘हाथ’ कब मिलाएंगे?

हमीरपुर। आगाज भी अच्छा और समय भी अनुकूल था… फिर क्या कारण रहे कि होली मेले के शुभारंभ पर सुजानपुर के निर्दलीय विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस सरकार का साथ थामने की घोषणा नहीं की। प्रदेश सरकार की ओर से भी विधायक को साथ लेने की घोषणा नहीं हो सकी। मेले का शुभारंभ होने के पश्चात राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सभी अपने हिसाब से घटनाक्रम के तार जोड़ रहे हैं।
होली मेले के शुभारंभ पर सुजानपुर के निर्दलीय विधायक राजेंद्र राणा के कांग्रेस सरकार में शामिल न होने का कारण लोग कुछ कांग्रेस नेताओं का विरोध तो कुछ राणा की ओर से हामी न भरने को वजह बता रहे हैं। वजह जो भी हो, इलाका चर्चाओं के बाजार से एकाएक गर्म हो गया है।
सांस्कृतिक संध्या के शुभारंभ के दौरान विधायक ने मिनी सचिवालय, एसडीएम कार्यालय और टौणी देवी में पुलिस चौकी, ऊटपुर व चौरी में पीएचसी की मांग रखी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मिनी सचिवालय और पुलिस चौकी की मांग तो तुरंत पूरा कर दिया। एसडीएम कार्यालय, पीएचसी की मांगों पर सैद्धांतिक मंजूरी की मुहर लगाकर मंत्रिमंडल के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। इससे पूर्व विधायक को हरी टोपी भी पहना दी गई लेकिन इस सबके बावजूद एसोसिएट मेंबर बनाए जाने को लेकर अंतिम घोषणा नहीं हुई। लंबे अरस से राणा के नजदीकी भी होली मेले पर घोषणा की बात कह रहे थे। सारे घटनाक्रम के पश्चात सवाल खड़े होना लाजिमी हैं। आखिर क्या कारण रहे कि ऐन मौके पर घोषणा को टालना पड़ा या नहीं की जा सकी, ये चर्चा इलाके में जमकर हो रही है।
सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा का कहना है कि कुछ समय इंतजार करें, सब सामने आ जाएगा। अभी संस्था के पदाधिकारियों ने निर्णय पर हामी भरी है। मसले पर अंतिम निर्णय संस्था की कोर कमेटी लेगी। कमेटी के निर्णय से सभी को परिचित करवा दिया जाएगा।

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