जस्टिस देसाई वाली सात सदस्यीय की टीम पहुंची जम्मू, मंगलवार को आपत्तियों और सुझाव पर होगी चर्चा : आयोग

जस्टिस देसाई वाली सात सदस्यीय की टीम पहुंची जम्मू, मंगलवार को आपत्तियों और सुझाव पर होगी चर्चा : आयोग

जम्मू
परिसीमन आयोग के समक्ष आज गुलाम नबी आजाद, रवींद्र रैना, तारा चंद, हर्षदेव सिंह समेत 220 लोग अपना पक्ष रखेंगे। टीम ने जम्मू में मुख्य चुनाव अधिकारी हरदेश कुमार सिंह व राज्य चुनाव आयुक्त केके शर्मा के साथ बैठक की।

जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई में सात सदस्यीय परिसीमन आयोग की टीम रविवार को जम्मू पहुंच गई। टीम ने जम्मू में मुख्य चुनाव अधिकारी हरदेश कुमार सिंह व राज्य चुनाव आयुक्त केके शर्मा से बैठक की। इसमें मसौदा रिपोर्ट के अलावा आपत्तियां व सुझाव दर्ज करवाने वाले लोगों से सार्वजनिक बैठकों की व्यवस्था से संबंधित तैयारियों पर चर्चा की।

श्रीनगर में मंगलवार को आपत्तियां व सुझाव पर जन सुनवाई होगी
जम्मू कन्वेंशन सेंटर में सोमवार को और श्रीनगर के एसकेआईसीसी में मंगलवार को आपत्तियां व सुझाव पर जन सुनवाई होगी। टीम में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र, केएन भार, डॉ. चंद्र भूषण कुमार, बृजेश कुमार, संगारा राम और वीडी वोरा भी शामिल हैं।

जम्मू संभाग के दस जिलों के 220 लोगों को मुलाकात का न्योता
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जम्मू कन्वेंशन सेंटर में जम्मू संभाग के दस जिलों के 220 लोगों को आयोग से मुलाकात का न्यौता दिया गया है। इनमें कई प्रमुख सियासी नेता भी शामिल हैं। इनमे कांग्रेस के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद, पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना, पैंथर्स पार्टी के नेता एवं पूर्व मंत्री हर्ष देव सिंह, अपनी पार्टी के संभागीय अध्यक्ष मनजीत सिंह, बसपा के प्रदेश अध्यक्ष एसआर मजोत्रा आदि शामिल हैं।

रामबन के 21 लोगों ने आपत्तियां व सुझाव मसौदा रिपोर्ट दिया
जम्मू जिले से 62, सांबा से 19, उधमपुर से 22, रियासी से दो, राजोर से 14, किश्तवाड़ से छह, डोडा से आठ, कठुआ से 15, पुंछ से एक और रामबन जिले से 21 लोगों ने आपत्तियां व सुझाव मसौदा रिपोर्ट पर दिए थे। इन्हें आयोग ने बातचीत के लिए बुलाया है।

जम्मू संभाग के दस जिलों के लिए चार अप्रैल को दिन निर्धारित
जम्मू संभाग के दस जिलों के लिए चार अप्रैल को जम्मू कन्वेंशन सेंटर में सुबह दस से दोपहर बारह बजे तक कठुआ, उधमपुर, डोडा, रामबन, किश्तवाड़, राजोरी और पुंछ व दोपहर साढ़े बारह बजे से दोपहर ढाई बजे तक जम्मू, रियासी और सांबा से मिली आपत्तियों व सुझावों पर गौर कर अपना पक्ष रखेगा।

वहीं, पांच अप्रैल को कश्मीर के श्रीनगर जिले में स्थित एसकेआईसीसी में आयोग की टीम वहां के दस जिलो से प्राप्त हुईं आपत्तियों व सुझावों पर गौर कर अपना पक्ष रखेगी।
कश्मीरी पंडित विस्थापितों के नेता भी आयोग से मिलेंगे
परिसीमन आयोग से कश्मीरी पंडित विस्थापितों के नेता अश्विनी कुमार चुरंगू और केके खोसा भी मसौदा रिपोर्ट पर आपत्तियां व सुझाव दर्ज करवाने वालों में शामिल हैं। चुरंगू के अनुसार जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन में कश्मीरी हिंदुओं व कश्मीरी सिखों को कोई राजनीतिक आरक्षण या सियासी प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है।

ऐसे में आयोग से मुलाकात कर संविधान में संशोधन कर कश्मीरी पंडित विस्थापितों के अलावा कश्मीरी सिखों व पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर व पश्चिमी पाकिस्तान के रिफ्यूजियों के लिए भी सियासी आरक्षण की मांग की जाएगी।

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