चुनाव: केजरीवाल ने बिजली को बनाया मुद्दा लेकिन तरकश में बाकी हैं ये तीर, विपक्षी दलों ने बोला हमला

चुनाव: केजरीवाल ने बिजली को बनाया मुद्दा लेकिन तरकश में बाकी हैं ये तीर, विपक्षी दलों ने बोला हमला

चंडीगढ़
पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के तरकश में अभी बिजली के अलावा कई और तीर हैं। इनमें बेरोजगारी, नहरी पानी, नशा और रेत माफिया समेत अन्य गंभीर मुद्दे हैं। रणनीति के तहत चुनाव से पहले केजरीवाल एक-एक मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर होंगे। बिजली बिल माफ करने की घोषणा करके एक तरह से केजरीवाल ने पंजाब की राजनीति में करंट ला दिया है, क्योंकि बिजली पंजाब में शुरू से ही चुनावी मुद्दा रहा है। 

2017 विधानसभा चुनाव में आप को पंजाब में अच्छा रिस्पांस मिला था और उनके 20 विधायक चुने गए थे। हालांकि, बाद में कुछ विधायकों ने नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए इस्तीफा तक दे दिया था। विधानसभा चुनाव से पहले केजरीवाल पंजाब पर पूरा फोकस कर रहे हैं और इसके लिए पंजाब की अर्थव्यवस्था से लेकर तमाम मुद्दों पर गहनता से अध्ययन कर रहे हैं। खुद केजरीवाल ने प्रेसवार्ता में कहा कि बिजली तो शुरुआत है, इसके बाद बेरोजगारी को लेकर वे तथ्य सामने रखेंगे और घोषणा करेंगे। 

पेश कर रहे दिल्ली का विकास मॉडल
पिछली बार की गलतियों में सुधार करते हुए अरविंद केजरीवाल दिल्ली में विकास का मॉडल दिखाकर पंजाब में सत्ता पाना चाहते हैं। इसके लिए वे दिल्ली के स्कूल और अस्पताल को हथियार बना रहे हैं। साथ ही दिल्ली में उपभोक्ताओं को मुफ्त में मिलने वाली बिजली का भी खूब गुणगान कर रहे हैं। 

केजरीवाल चुनाव से पहले पंजाब के ही किसी ऐसे चेहरे की तलाश में हैं, जिसे सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट किया जा सके। हालांकि, अभी यह तलाश जारी है। दूसरा आप विधायकों और नेताओं को संगठित रखने के लिए भी पूरा फोकस किया जा रहा है।

भाजपा और अकाली दल ने साधा निशाना
उधर, शिरोमणि अकाली दल ने केजरीवाल की घोषणा के बाद आप पर निशाना साधा। शिअद का कहना है कि आम आदमी पार्टी पंजाब में गरीबों को 200 यूनिट प्रति माह मुफ्त मिलने वाली बिजली को भी समाप्त कर देगी। प्रकाश सिंह बादल ने दलितों और पिछड़ा वर्ग को यह राहत दी थी। 

अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया है कि 300 यूनिट तक प्रति माह खपत पर ही मुफ्त बिजली सुविधा मिलेगी। केजरीवाल से जब इस मुद्दे पर सवाल किया गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि अगर खपत 300 यूनिट से ज्यादा हुई तो उपभोक्ताओं को पूरे बिल का भुगतान करना होगा और उन्हें कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी। यह पंजाबियों के साथ भद्दा मजाक है, क्योंकि अधिकांश इस योजना के लाभ के पात्र नहीं होंगे। इसके बजाय गरीबों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा छीन ली जाएगी।

डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री 2022 के चुनाव में लोगों को मूर्ख बनाने के लिए साढ़े चार साल बाद वापस आए हैं। इससे पहले भी केजरीवाल ने मादक पदार्थों की तस्करी और बेअदबी का मुद्दा उठाकर पंजाबियों को मूर्ख बनाने की कोशिश की थी।

पंजाब की जनता को गुमराह न करें केजरीवाल: भाजपा
पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि केजरीवाल ने दिल्लीवासियों से किए वादे पूरे नहीं किए। यही वजह है कि इस बार दिल्ली चुनाव में उनकी हार तय है। अब वह अपना आधार बचाने के लिए दूसरे राज्यों का रूख कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता उनके इन झूठे वादों पर एतबार नहीं करेगी। केजरीवाल खुली आंखों से मुंगेरीलाल के सपने देख रहे हैं। केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों से ‘बिजली हाफ-पानी माफ’ का वादा किया था लेकिन दिल्ली सरकार पटेलनगर के नेहरू नगर के घरों में बिजली के 20,000 से 25,000 रुपये प्रति महीना बिल भेज रही है। इतना ही नहीं दिल्ली सरकार ने हर घर को 20,000 लीटर फ्री पानी देने का वादा किया था लेकिन दिल्ली सरकार वहां की जनता को 25,000 से 2,00,000 रुपये तक पानी के बिल भेज रही है। 

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