चीनी कंपनी को 3.50 करोड़ जुर्माना

ऊना। मैहतपुर से अंब के बीच एक्सप्रेस हाईवे के निर्माण कार्य को बीच में छोड़ने पर चीनी कंपनी को बड़ी कीमत अदा करनी पड़ गई है। सरकार और विभाग ने कंपनी को उसकी इस लापरवाही के लिए भारी भरकम जुर्माना लगाया है। पिछले पांच साल से ऊना के लोगों को धूल-मिट्टी उड़ा कर बीमारियों के मुहाने पर लाने वाली चीनी कंपनी ने अरसे से काम छोड़ रखा था। जिसके चलते सरकार और विभाग ने कड़े तेवर दिखाते हुए चीनी कंपनी को लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये जुर्माना ठोक डाला है। हालांकि, फिर से कंपनी ने जिला के देहलां में रोड निर्माण का काम शुरू कर दिया है। लेकिन, कंपनी को कड़ी हिदायत दी गई है कि इस बार किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई तो परिणाम गंभीर होंगे।
वर्ष 2008 में पूर्व भाजपा सरकार के सत्ता संभालने के बाद मैहतपुर-अंब एक्सप्रेस हाईवे और ऊना-भोटा-अघार सुपर हाईवे के निर्माण कार्य लगभग एक साथ आरंभ हुए। हालांकि ऊना-भोटा-अघार सुपर हाईवे के निर्माण का कार्य काफी हद तक मुकम्मल कर दिया गया। लेकिन, चीनी कंपनी ने पहले बनी सड़कों को भी दोबारा निर्माण के लिए उखाड़ कर बीच में छोड़ दिया। इन पांच सालों के दौरान चीनी कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों का चीन से भारत और भारत से चीन आने-जाने का क्रम चलता रहा। जबकि कई बार बदल-बदल कर कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी भारत आते रहे। लेकिन, कंपनी ने रोड का काम आधा-अधूरा छोड़ दिया। जिसके चलते स्थानीय लोगों को लगभग पांच साल तक भयंकर परेशानियों से जूझना पड़ा। कंपनी की इसी लापरवाही के कारण उस पर जुर्माने की गाज गिरी है। स्टेट रोड प्रोजेक्ट के एक्सईएन एसएस कुटलैहड़िया ने बताया कि चीनी कंपनी को काम बीच में छोड़ने के चलते लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये जुर्माना किया गया है। दोबारा कंपनी ने काम का जिम्मा संभाला है, यदि अब किसी प्रकार की कोताही सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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