चार हफ्ते में नशे की कमर तोड़नी थी, चार साल बीते, कैप्टन पर बरसे नवजोत सिद्धू

चार हफ्ते में नशे की कमर तोड़नी थी, चार साल बीते, कैप्टन पर बरसे नवजोत सिद्धू

चंडीगढ़

पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल में नशे के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मौजूदा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को भी नशे के खिलाफ अभियान को तेज करने और बड़ी मछलियों को दबोचने के लिए कदम उठाने का आह्वान किया है।

सिद्धू ने कैप्टन पर तंज कसते हुए लगातार चार ट्वीट किए। उन्होंने कहा कि 2017 में पंजाब के लोगों से वादा किया गया था कि हम चार हफ्ते में नशे की कमर तोड़ देंगे लेकिन नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की 2017 से 2020 तक की रिपोर्ट के अनुसार, लगातार चार साल के दौरान पंजाब ने एनडीपीएस के मामलों में अपना स्थान चोटी पर बनाए रखा है।

दूसरे ट्वीट में सिद्धू ने लिखा, ‘माननीय हाईकोर्ट ने नशों पर एसटीएफ की रिपोर्ट की प्रति सरकार को सौंपी थी लेकिन हम कानून के अनुसार कार्रवाई करने के बजाय फरवरी, 2018 से एसटीएफ की रिपोर्ट को दबाए बैठे रहे। यहां तक कि हम इस बहुकरोड़ी ड्रग केस में अन्य दोषियों को विदेश से वापस लाने में भी असफल रहे जबकि इसका हल था। बड़ी मछली को पकड़ना और उसे सजा दिलाना।

तीसरे ट्वीट में मौजूदा सरकार को भी ताकीद करते हुए लिखा- ‘कानून के अनुसार सरकार के पास एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ने की सभी शक्तियां हैं। इसलिए इस रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक किया जाना चाहिए और इसके आधार पर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। नशा और आतंकवाद के लिए जिम्मेदार बड़ी मछलियों को पकड़ने के लिए समयबद्ध जांच शुरू की जानी चाहिए।’

उन्होंने चौथे ट्वीट में लिखा- ‘हम पर नशे के खिलाफ झूठी जंग छेड़कर अकालियों की बेमिसाल विरासत को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया गया है। हाईकोर्ट की टिप्पणियां इसकी गवाह हैं।

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