घोटाले में तीन आईएएस अफसरों के घरों समेत 9 ठिकानों पर सीबीआई छापा

घोटाले में तीन आईएएस अफसरों के घरों समेत 9 ठिकानों पर सीबीआई छापा

जम्मू
बहुचर्चित रोशनी घोटाले में शुक्रवार को सीबीआई ने तीन आईएएस अफसर, एक नेता और अन्य अधिकारियों के जम्मू व श्रीनगर में स्थित नौ ठिकानों पर छापा मारा। इस दौरान कई तरह के दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, बेनामी संपत्ति, लाखों रुपये की नकदी बरामद की गई है। यह मामला 2009 का है। रोशनी योजना के तहत इन अफसरों ने कई लोगों को अवैध रूप से लाभ दिया। एक साल पहले ही हाईकोर्ट ने रोशनी के तमाम मामलों की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

जिनके यहां सीबीआई ने कार्रवाई की उनमें पूर्व डिवकॉम कश्मीर बशारत अहमद डार (1989 बैच के आईएएस), महबूब इकबाल (1990 बैच के आईएएस), श्रीनगर के डीसी एजाज इकबाल (1995 बैच के आईएएस) व नेता सज्जाद परवेज शामिल हैं। 

सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि कश्मीर के दो तत्कालीन डिवकॉम, तत्कालीन उपायुक्त श्रीनगर, तत्कालीन सहायक आयुक्त नजूल व तत्कालीन तहसीलदार नजूल श्रीनगर व निजी आरोपी के 9 ठिकानों पर छापा मारा गया। इस दौरान जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज, जम्मू, श्रीनगर व नई दिल्ली में कई तरह की अचल संपत्तियों के दस्तावेज, 25 लाख रुपये का फिक्स डिपॉजिट, दो लाख रुपये की नकदी, 6 बैंक लाकरों की चाबियां और बड़े स्तर पर बैंक खातों की जानकारी मिली है।

आरोप है कि श्रीनगर की प्राइम लोकेशन में 7 कनाल 7 मरला सरकारी जमीन का मालिकाना हक बहुत ही सस्ते दाम पर अयोग्य आवेदकों को मनमाने ढंग से दे दिया गया। इससे सरकारी खजाने में सेंध लगाई गई। यह भी आरोप है कि उस समय जो लोग प्राइस फिक्सेशन कमेटी में शामिल थे उन्होंने जमीनों की श्रेणी मनमाने ढंग से बदल दी। 

रोशनी घोटाले में 17 पर है एफआईआर
रोशनी घोटाले में 17 लोगों पर एफआईआर दर्ज है। इसमें राजस्व विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इन लोगों में महबूब इकबाल, तब रहे गुलमर्ग विकास प्राधिकरण के सीईओ फारूक अहमद लोन, उपायुक्त नसीर खान का नाम भी शामिल है। फारूक अहमद और महबूब इकबाल कश्मीर के मंडलायुक्त भी रह चुके हैं।

यह था मामला
वर्ष 2009 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। यह मामला गुलमर्ग में भूमि घोटाले का था। कश्मीर के तत्कालीन मंडलायुक्त बशीर खान, महबूब इकबाल, बारामुला के उपायुक्त फारूक अहमद शाह, अतिरिक्त उपायुक्त गरीब सिंह, तहसीलदार टंगमर्ग, नायब तहसीलदार गुलाम मोहिउद्दीन और कश्मीर के शीर्ष होटल व्यवसायी मुश्ताक अहमद गनी, मुश्ताक अहमद और मंजूर अहमद समेत अन्य पर केस दर्ज किया गया। बाद में यह मामला सीबीआई को 11 नवंबर 2020 को रेफर किया गया और सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया। उक्त अधिकारियों ने रोशनी योजना के तहत जमीन होटल व्यवसायियों को कौड़ियों के भाव दे दी।

महबूब इकबाल के ग्रेटर कैलाश में आवास पर छापा
जम्मू में महबूब इकबाल के ग्रेटर कैलाश स्थित आवास पर सीबीआई ने छापा मारा। यहां आयकर से जुड़े कुछ दस्तावेज भी बरामद किए गए। वे पहले पीडीपी में शामिल हुए। वे पीडीपी-भाजपा सरकार में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी बनाए गए। इसके बाद 2018 में सरकार गिर जाने के बाद वे नेकां में शामिल हो गए। उन्होंने भद्रवाह से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा है।

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