गोभी की फसल पर झुलसा रोग का कहर

कुल्लू। गर्मी की तपिश से कुल्लू घाटी के किसान और बागवान खासे परेशान हैं। दो दिन पहले हुई बारिश से मौसम सुबह और शाम के वक्त हालांकि ठंडा है लेकिन हल्की बूंदाबांदी किसानों के लिए मुसीबत बन गई। बारिश होने के बाद एकदम खुले मौसम से गोभी की फसल झुलसा रोग की चपेट में आ गई है।
इसके अलावा मटर, टमाटर और शिमला मिर्च की फसल भी मुरझाने लगी है। सब्जी पर कीड़े लगने भी शुरू हो गए हैं। इससे किसान और बागवान खासे चिंतित हैं। देवभूमि कुल्लू के 80 फीसदी लोगों की रोजी-रोटी का जरिया कृषि और बागवानी है। घाटी के लोगों ने इस बार जमकर हुई बर्फबारी और बारिश से उत्पादन की बड़ी उम्मीदें लगा रखी थीं लेकिन सूखे की मार से इन पानी फिरता नजर आ रहा है। घाटी में तपती गर्मी से नाशपाती की फसल को भी 30 फीसदी नुकसान पहुंचा है। वहीं सोमवार और मंगलवार को हुई हल्की बूंदाबांदी तथा अंधड़ ने पलम की फसल को 15 फीसदी नुकसान पहुंचाया है।
मणिकर्ण घाटी के बागवान कर्म चंद, ओम प्रकाश, खेम चंद, किरण कुमार, दियार घाटी के भोला राम, पवन तथा हीरा लाल ने कहा कि बारिश की बूंदाबांदी से गोभी, मटर और टमाटर की फसल में बीमारी लगनी शुरू हो गई है। गोभी में झुलसा रोग और अन्य हरी सब्जियों की फसलों में धब्बे लगने शुरू हो गए हैं। जिला कृषि विकास अधिकारी डा. धर्मपाल गौतम ने बताया है कि जहां सब्जियों को बीमारी लग रहीं हैं वहां के किसान संबंधित विभाग से संपर्क कर सकते हैं। कहा कि जिस क्षेत्र में पानी की सुविधा है वहां डायथेन एम-45 ढाई सौ ग्राम का सौ लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

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