गैस के दाम बढ़ने से आम जनता में नाराजगी, महिलाएं बोलीं-घर का बजट बिगड़ा, कांग्रेस बनाएगी चुनावी मुद्दा

गैस के दाम बढ़ने से आम जनता में नाराजगी, महिलाएं बोलीं-घर का बजट बिगड़ा, कांग्रेस बनाएगी चुनावी मुद्दा

नई दिल्ली
देश में आम जनता पर महंगाई की मार लगातार पड़ रही है। पेट्रोल-डीजल के बाद एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में एक बार फिर से सोमवार को बढ़ोतरी हुई। इस बार 25 रुपये बढ़े हैं। 29 दिनों में सिलिंडर के दाम 125 रुपये बढ़ गए हैं। एक फरवरी को इसकी कीमत 707 रुपये थी जो अब 832 रुपये हो गई है। 

एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में इजाफा होने से लोगों में खासा आक्रोश भी देखा जा रहा है। रसोई गैस के दाम बढ़ने महिलाएं नाराज हैं। महिलाओं का कहना है कि गैस के लगातार दाम बढ़ने से बजट गड़बड़ा गया है।

मथुरा की महिलाएं बोलीं- इतनी महंगाई में कैसे चलेगा घर का खर्च
रसोई गैस की कीमतों में फिर इजाफा हुआ है। इस पर मथुरा की महिलाओं का कहना है कि घर का बजट गड़बड़ा गया है। पिछले महीने 710 रुपये में सिलिंडर मिलता था, आज उसकी कीमत 815 रुपये हो चुकी है। महंगाई से दिक्कतें बढ़ती ही जा रही हैं। ऐसे में घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। 

कृष्णा आर्चिड कॉलोनी निवासी प्रीति पांडेय ने कहा कि एलपीजी गैस के दाम बढ़ने से घर का बजट बिगड़ गया है। घर के खर्च में कटौती करनी पड़ रही है। सरकार को गैस के सिलिंडर के दाम कम करने चाहिए।कृष्णा नगर निवासी शिखा चौधरी ने कहा कि इतनी महंगाई में घर का खर्च कैसे चलेगा। कोरोना काल में पहले ही महंगाई ने कमर तोड़कर रख दी है। गृहिणी भावना ने कहा कि सरकार ने हर महीने रसोई गैस की कीमत बढ़ाकर गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है। आज फिर 25 रुपये बढ़ा दिए हैं। गृहिणी सुमन ने कहा कि रसोई गैस सिलिंडर की कीमत में लगातार हो रही बढ़ोतरी से सभी परिवार दुखी और परेशान हैं। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।

रसोई का बजट बिगड़ा
व्यवसायिक सिलिंडर के दाम में भी 95.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह अब 1647.50 रुपये का हो गया है। ऑल इंडिया इंडेन डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन आगरा संभाग के अध्यक्ष विपुल पुरोहित ने बताया कि 14.2 किलो के गैस सिलिंडर पर 25 रुपये बढ़े हैं, जिससे यह 832 रुपये का हो गया है। इससे जिले में 8.44 लाख कनेक्शनधारकों पर इसका बोझ पड़ेगा। 

लगातार बढ़ा रहे दाम
राजपुर चुंगी निवासी आरती पाराशर ने कहा कि महंगाई से पहले से ही घर चलाना मुश्किल हो रहा है, सिलिंडर पर लगातार दाम बढ़ाए जा रहे हैं। सरकार दामों में कमी करे। 

रसोई का बजट बिगड़ा
कमला नगर निवासी ऊषा सिंघल ने कहा कि 30 दिन में सिलिंडर पर 125 रुपये बढ़ा दिए, इससे रसोई का बजट बिगड़ रहा है, कीमत कम कर राहत देनी चाहिए।

आमदनी सीमित, खर्च बढ़ रहे
बोदला-सिकंदरा रोड निवासी शशि ने कहा कि पेट्रोल और सिलिंडर हर घर की जरूरत है, इन पर तेजी से दाम बढ़ा दिए हैं, आमदनी सीमित है, घर का खर्च चलाने में मुश्किल हो रही है।

हिमाचल में सिलिंडर 916 रुपये का 
हिमाचल प्रदेश में रसोई गैस सिलिंडर के घरेलू उपभोक्ताओं को मार्च में 916 जबकि व्यावसायिक गैस सिलिंडर के लिए 1755 रुपये चुकाने पड़ेंगे। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की शिमला शहरी कमेटी ने सोमवार को पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और पेयजल व्यवस्था के निजीकरण को लेकर प्रदर्शन किया। सीपीआईएम शिमला शहरी कमेटी के सचिव बलबीर पराशर ने कहा कि केंद्र और प्रदेश  सरकार की जनविरोधी नीतियों से जनता परेशान है।  

पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं वहीं दूसरी ओर नगर निगम शिमला पानी और कूड़े के भारी भरकम बिल जारी कर रहा है। इसके अलावा शिमला शहर की पेयजल व्यवस्था का निजीकरण भी किया जा रहा है। पार्टी इसका कड़ा विरोध करती है। पार्टी के जिला सचिव संजय चौहान ने सरकार से शहर की पेयजल व्यवस्था के निजीकरण के निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की। 

उन्होंने कहा कि ऐसा न किया तो शिमला शहर की पेयजल व्यवस्था के निजीकरण की नीतियों के खिलाफ संगठन जनता के साथ मिल कर आंदोलन चलाया जाएगा। प्रदर्शन में पार्टी जिला सचिव संजय चौहान, राज्य सचिवालय सदस्य डॉ. कुलदीप सिंह तंवर, प्रेम गौतम, राज्य कमेटी सदस्य डॉ. राजेंद्र चौहान, विजेंद्र मेहरा, फालमा चौहान, जिला कमेटी सदस्य रीना तंवर, सत्यवान पुंडीर, बाबू राम, किशोरी डटवालिया, चंद्रकांत, विक्रम कायथ, पूर्व पार्षद राजीव ठाकुर, सोनिया और जगमोहन ठाकुर समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

घरेलू गैस की कीमतों को  चुनावी मुद्दा बनाएगी कांग्रेस
कांग्रेस ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में घरेलू गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों को मुद्दा बनाएगी। राहुल गांधी ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि एलपीजी सिलिंडर के दाम फिर बढ़ गए हैं। जनता के लिए मोदी सरकार के विकल्प- व्यवसाय बंद कर दो, चूल्हा फूंको और जुमले खाओ। 

कांग्रेस इस मुद्दे को महिला मतदाताओं के बीच ले जाने की रणनीति बना रही है। गैस के अलावा कांग्रेस के एजेंडे में पेट्रोल-डीजल के कारण बढ़ती महंगाई भी है। पार्टी ने चुनावी राज्यों में यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस और एनएसयूआई को सड़क पर उतरकर अभियान चलाने को कहा है। सोशल मीडिया पर भी सिलिंडर, पेट्रोल-डीजल की कीमतों को मुद्दा बनाने को कहा गया है।

रसोई गैस और तेल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
महंगाई के विरोध में पंजाब के राज्यपाल का घेराव करने राजभवन जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने एमएलए हॉस्टल के पास रोक लिया। जहां कांग्रेसियों ने धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि गरीब के नाम पर सत्ता में आई भाजपा ने गरीबों को भुला दिया है। प्रधानमंत्री सिर्फ कॉरपोरेटों के बन कर रह गए हैं। उधर, पंजाब यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई के खिलाफ सेक्टर चार में प्रदर्शन किया।

सुनील जाखड़ के नेतृत्व में सोमवार को पार्टी के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों व अन्य नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा रसोई गैस व तेल कीमतों में की जा रही वृद्धि के खिलाफ राजभवन के घेराव का कार्यक्रम बनाया था। लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने एमएलए हॉस्टल के बाहर ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। कांग्रेस नेता वहीं धरने पर बैठ गए। सुनील जाखड़ ने कहा कि भाजपा ने 2014 में गरीब के नाम पर वोट लेकर अपनी सरकार बनाई थी। लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों, किसानों, छोटे व्यापारियों व मध्य वर्ग को पूरी तरह से भुला दिया है।

यह कॉरपोरेट की सरकार बनी है। कांग्रेस यह प्रदर्शन इसलिए कर रही है, ताकि राज्यपाल प्रदेश के लोगों की पीड़ा केंद्र सरकार तक पहुंचा सकें। जाखड़ ने शिअद व आप पर तंज कसते हुए कहा कि ये दल लोगों से जुड़े मुद्दे उठाने के बजाय भाजपा के एजेंडे को लागू करने में लगी हैं। दोनों दल महंगाई के खिलाफ नहीं बोल रहे हैं। इससे पहले पंजाब यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष वरिंदर ढिल्लों के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने महंगाई के खिलाफ सेक्टर- 4 में प्रदर्शन किया। 

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