गैंगस्टर: यूपी से राजस्थान तक है दबदबा, 11 गिरोह में शामिल हैं एक हजार से अधिक बदमाश

गैंगस्टर: यूपी से राजस्थान तक है दबदबा, 11 गिरोह में शामिल हैं एक हजार से अधिक बदमाश

जालंधर (पंजाब)
पंजाब के गैंगस्टरों का समूचे उत्तर भारत में दबदबा है। यहां गैंगस्टरों के 11 खूंखार गिरोह सक्रिय हैं, जो यूपी से लेकर राजस्थान तक अपना मजबूक नेटवर्क जमाए हुए हैं। इन गिरोह में एक एक हजार से ज्यादा बदमाश शामिल है, जो रंगदारी मांगने से लेकर हथियार सप्लाई तक की वारदातों को अंजाम देते हैं। पिछले कुछ दिनों में पंजाब में जिस तरह से गैंगवार हुई हैं और गैंगस्टरों ने जालंधर, अमृतसर व मोहाली में सरेआम फायरिंग कर कत्लेआम किया है, उससे लोगों में दहशत का माहौल है। फेसबुक और सोशल मीडिया अकाउंट पर हत्याकांड की जिम्मेदारी लेना इस बात की गवाही देता है कि गैंगस्टरों के हौसले कितने बुलंद हैं। 

गौंडर, भुल्लर, प्रेमा व लाहौरिया के खात्मे के बाद बढ़े गैंगस्टर
प्रेमा लाहौरिया, सुक्खा काहलवां, विक्की गौंडर, जयपाल भुल्लर, रॉकी जैसे गैंगस्टरों की आपसी रंजिश या पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ गई है। जालंधर के बस्ती बावा खेल इलाके के रहने वाले प्रेमा लाहौरिया ने अपने साथी गौंडर के साथ मिलकर सुक्खा काहलवां का पुलिस कस्टडी में कत्ल करवा दिया था।

फगवाड़ा जालंधर-लुधियाना हाईवे पर फगवाड़ा के डिवाइन पब्लिक स्कूल के पास 22 जनवरी 2015 की शाम करीब 14-15 युवकों ने पुलिस जीप को घेरकर कुख्यात गैंगस्टर व शार्प शूटर सुक्खा काहलवां की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी और उसकी लाश पर भंगड़ा डाला था। इस वारदात में आठ पुलिस मुलाजिमों के सामने हत्यारों ने सुक्खा पर 50 से अधिक गोलियां बरसाईं थीं। इस हत्याकांड में शामिल विक्की गौंडर और प्रेमा लाहौरिया को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। लाहौरिया और गौंडर गिरोह से जुड़े युवा अब भी एक-दूसरे के खून के प्यासे हैं।

नंगल से लेकर मोहाली तक बचित्र मल्ली गैंग का है आतंक
नंगल से लेकर मोहाली तक केसर मल्ली और बचित्र का गैंग सक्रिय हैं। केसर मल्ली गैंग में 25 और बचित्र गैंग में 30 के करीब युवा हैं। ये दोनों गैंग अक्सर एक दूसरे के सदस्यों पर हमले करते हैं। मल्ली गैंग विक्की गौंडर के साथ जुड़ा हुआ था। पुलिस फाइल के मुताबिक जस्सी कलमा, दिलप्रीत ढाहां, मनी बंसाली, सुखा आजमपुरिया और राणा समाणा इसके शार्प शूटर हैं। इनका विरोधी बचित्र गैंग मूल रूप से सुक्खा कहलवां के साथ जुड़ा हुआ था। सुक्खा की हत्या के बाद गैंग लॉरेंस बिश्नोई और जगदीप जग्गू के साथ जुड़ गया। इस गैंग से रोपड़ में परमिंदर पिंदरी के अलावा ओंकार सिंह, दारा ढाढी, राहुल और विक्की पलासी हैं।

इस समय आतंक का पर्याय बना हुआ है लॉरेंस बिश्नोई गैंग
लॉरेंस बिश्नोई का गिरोह इस समय आतंक का पर्याय बना हुआ है। इस गैंग में 600 कुख्यात शार्प शूटर शामिल हैं। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली एनसीआर के लिए यह गैंगस्टर सिरदर्द बना हुआ है। राजस्थान की अजमेर जेल में बंद होने के बावजूद बॉलीवुड स्टार सलमान खान और पंजाब के 4 बड़े सिंगर लॉरेंस के निशाने पर हैं। फिल्म रेडी की शूटिंग के दौरान एक बार लॉरेंस ने अपने गुर्गों के जरिये सलमान खान पर हमले पर प्लान बनाया था। लॉरेंस का सबसे महत्वपूर्ण मोहरा और गैंगस्टर काला जठेड़ी का गुरु नरेश शेट्टी ही वह शख्स है, जिसे सलमान खान को मारने का प्लान सौंपा गया था। झज्जर का रहने वाले गैंगस्टर नरेश शेट्टी जनवरी 2020 में पूरे एक महीने मुंबई में रुका। कई बार सलमान खान के घर की रेकी की, लेकिन अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाया। 22 फरवरी 1992 को पंजाब के फाजिल्का में जन्मे लॉरेंस पर 50 से करीब आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। 

करोड़ों की संपति का मालिक बिश्नोई चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में छात्रसंघ का चुनाव भी लड़ चुका है। इसमें हारने के बाद ही लॉरेंस की जिंदगी की गाड़ी जुर्म के रास्ते पर चलने लगी। लॉरेंस को जिस गैंगस्टर ने अपराध की दुनिया के पैंतरे सिखाए थे, वह हैं गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया। पंजाब के भगवानपुर का रहने वाला जग्गू भगवानपुरिया भारत का सबसे अमीर गैंगस्टर है। पंजाब की राजनीति और यहां के अपराध में जग्गू का रुतबा, नाम और शोहरत कायम है। फिलहाल जग्गू दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। वहीं लॉरेंस गैंग को हथियार, पैसा और पावर मुहैया करवाता है।

जग्गू भगवानपुरिया ने करवाई राणा की हत्या
चार दिन पहले अमृतसर में हुई गैंगस्टर रणदीप सिंह उर्फ राणा कंधोवालिया की हत्या की जिम्मेदारी जग्गू भगवानपुरिया ने फेसबुक पर ली। इसके बाद जग्गू भगवानपुरिया और विक्की गौंडर के गुर्गे अली शाह में सोशल मीडिया पर जंग शुरू हो गई है जो आनेवाले दिनों में गैंगवार बढ़ने का अंदेशा दे रही है। जग्गू ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि राणा कंधोवालिया की हत्या की जिम्मेदारी वह और उसका भाई गोल्डी बराड़ लेते हैं। उसने यह भी दावा किया कि यह हत्या मंदीप तूफान से करवाई गई है।

दरअसल, राणा कंधोवालिया पिछले कुछ सालों से विक्की गौंडर और दविंदर बंबीहा का सहयोग कर रहा था। उसने जग्गू गैंग के लमा पट्टी की हत्या में सहयोग किया था। गौंडर गिरोह के सदस्यों ने जग्गू को सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए लिखा कि सारेयां नूं पता है कि आपने वीर राणे ते फायरिंग कीती गई सी। हुण राणा वीर साडे विच्च नहीं रेहा। अरदास करो वाहेगुरु आपने वीर दी आत्मा नूं शांति देवे। याद रखेयो हुण तां 21 दे 31 करके मारांगे। नरकां दी तैयारी रखेयो। 

दविंदर बंबीहा मुठभेड़ में मारा गया पर गिरोह आज भी सक्रिय
बंबीहा गैंग के सरगना दविंदर बंबीहा को बठिंडा पुलिस ने 9 सितंबर 2016 को एनकाउंटर में मार गिराया था। इसके बाद गिरोह का संचालन सुखप्रीत बुड्ढा के हाथ आ गया। बूड्ढा ने 17 जून 2018 को बठिंडा के एक व्यवसायी को इसलिए मौत के घाट उतार दिया था, कि उसे शक था कि उसने पुलिस को दविंदर बंबीहा के बारे में जानकारी दी थी। बंबीहा गैंग के सदस्यों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा और दूसरे राज्यों में 40 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें फिरौती, हत्या, डकैती, लूटपाट और आर्म्स एक्ट से जुड़े अपराध शामिल हैं। 

अलग-अलग इलाकों में बना रखे हैं गिरोह 
बरनाला का गुरीत सिंह काला गैंग काफी कुख्यात है। उस पर और उसके गुर्गों पर 50 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। काला दो बार नगर काउंसिल का चुनाव भी जीत चुका है। दूसरा चुनाव उसने 2015 में जेल में रहते हुए जीता। फिरोजपुर में जयपाल गैंग और चंदू गैंग सक्रिय है। जयपाल बंगाल में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। इनके सदस्य रेलवे, मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस), सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, मार्केट कमेटी व नगर काउंसिल जैसे विभागों में पिस्तौल के बल पर ठेके लेते हैं या फिर ठेकेदारों से वसूली करते हैं। शेरा खुब्बन गैंग फिरोजपुर में सक्रिय है। इस गैंग से कई बड़े अपराधी जुड़े हैं। बठिंडा में पुलिस ने एनकाउंटर में शेरा खुब्बन को मार गिराया था। 

गांव नरुआना का कुलबीर नरुआना कभी बंबीहा गैंग का सदस्य था। बंबीहा की मौत के बाद उसने अपने नाम से गैंग बना लिया। बाद में वह रॉकी गैंग से जुड़ गया और कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया। नरुआना ने जेल में ही बंद मंडीकलां के गैंगस्टर गुरदीप सिंह पर गोली दाग दी थी। विभिन्न थानों में नरुआना पर कई मामले दर्ज हैं। उसके गैंग में 200 से ज्यादा युवक हैं। 

रम्मी मछाणा कभी शेरा खुब्बन गैंग का सदस्य था, लेकिन बाद में उसने अपना अलग गैंग बना लिया। रम्मी मछाणा पर पांच से अधिक हत्या के मामले और राजस्थान के कई बडे़ शहरों में डकैती का केस है। मछाणा पर पंजाब के अलावा राजस्थान, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। अमृतपाल सिंह भाटी नाभा जेल में बंद है। उस पर विभिन्न थानों में हत्या और हत्या की कोशिश के मामले दर्ज हैं। भाटी ने करीब तीन साल पहले अपने साथियों संग मच्छर गैंग के मास्टरमाइंड प्रदीप कुमार उर्फ मच्छर की भुच्चो मंडी के पास गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। 

लक्खा सिधाना गैंग का मास्टरमाइंड खुद लक्खा ही है। लक्खा सिधाना गैंगस्टरों की दुनिया को छोड़कर राजनीति में आने की कोशिश कर रहा है। उसने 2012 में पीपीपी की ओर से रामपुरा से विधानसभा चुनाव लड़ा, मगर हार गया। सिधाना पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह किसान आंदोलन में काफी बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहा है। रामपुरा के गांव सिधाना निवासी लाली सिधाना गैंग की लक्खा गैंग के साथ दुश्मनी चल रही थी। पहले लक्खा गैंग के सदस्यों ने लाली सिधाना पर जानलेवा हमला किया था। उसके बाद लक्खा गैंग के सदस्य अमना सिधाना की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 

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