गड़बड़झाले की आशंका : लाखों का डीजल पी गईं खड़ी गाड़ियां, जांच शुरू

गड़बड़झाले की आशंका : लाखों का डीजल पी गईं खड़ी गाड़ियां, जांच शुरू

नाहन (सिरमौर)
हिमाचल प्रदेश की नगर परिषद नाहन में लंबे अरसे से खड़ी खटारा गाड़ियां लाखों रुपये का डीजल पी गईं। फर्जी बिल दर्शाकर इन गाड़ियों को चालू हालत में दिखाया गया। अब तक लगभग छह लाख रुपये का डीजल खर्चा इन गाड़ियों पर हुआ है, जबकि गाड़ियां लंबे अरसे से खड़ी हैं। नगर परिषद की नई कार्यकारिणी ने इसकी शिकायत शहरी विकास विभाग के निदेशक को भेजी थी। इसके बाद विभाग की संयुक्त निदेशक राखी सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा गया।

संयुक्त निदेशक ने नाहन पहुंचकर मामले की जांच-पड़ताल की। नगर परिषद के अधिकारियों, पार्षदों और कुछ कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।  जानकारी के अनुसार नगर परिषद नाहन के तीन वाहन लंबे समय से खड़े हैं। एक ट्रक तीन महीने से खड़ा है। इन दिनों उसे मरम्मत के लिए पांवटा भेजा गया है। एक जीप करीब एक साल से नगर परिषद के कार्यालय के बाहर खड़ी है। एक ट्रैक्टर भी कूड़ा संयंत्र के पास लंबे समय से खड़ा है।

शिकायत के अनुसार इन गाड़ियों में प्रतिदिन डीजल का खर्च दिखाया जा रहा है। हालांकि, अब तक कितने रुपये का डीजल खर्चा दर्शाया गया, यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा। आशंका जताई जा रही है कि डीजल खर्चा पांच से छह लाख रुपये तक दर्शाया गया है। सूत्र बताते हैं कि जांच के दौरान पार्षदों ने शहर में हुए कुछ और कार्यों की जांच की भी मांग रखी है। संयुक्त निदेशक दो दिन से मामले की जांच पड़ताल कर रही हैं।

दस्तावेजों की जांच के साथ ही बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। यहां से स्थानांतरित हुए अधिकारियों को भी जांच अधिकारी तलब किया था। शहरी विकास विभाग के निदेशक मनमोहन शर्मा ने बताया कि इसकी शिकायत मिली थी। संयुक्त निदेशक राखी सिंह को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा गया है।  इन दिनों वह जांच के लिए नाहन में ही हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

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