गंगा और हिमाचल की सभी नदियों में प्रवाहित की गईं वीरभद्र सिंह की अस्थियां

गंगा और हिमाचल की सभी नदियों में प्रवाहित की गईं वीरभद्र सिंह की अस्थियां

रामपुर बुशहर
छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे स्व. वीरभद्र सिंह की अस्थियां शनिवार को हरिद्वार में गंगा में प्रवाहित की गईं। स्व. वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह के चचेरे भाई रिपु धवन ने अस्थियों का विसर्जन किया। वह शुक्रवार को पद्म पैलेस रामपुर से राज पुरोहित सहित 11 लोगों के साथ हरिद्वार रवाना हुए थे। उनके साथ पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा भी रहे। 

वहीं प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बहने वाली नदियों में वीरभद्र सिंह की अस्थियों का विसर्जन किया गया। किन्नौर जिले के कड़छम, आनी विस क्षेत्र के ढरोपा, रामपुर के नोगली और उन्नू महादेव सहित प्रदेश की सभी नदियों में ब्लॉक कांग्रेस स्तर पर अस्थि कलशों का विसर्जन किया गया। इससे पूर्व कलशयात्रा निकालकर पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि दी गई। 

जिला कुल्लू के भुंतर के पास ब्यास-पार्वती संगम, लाहौल के तांदी संगम में वीरभद्र सिंह की अस्थियां विसर्जित की गईं। इसके अलावा बंजार दमोठी संगम तथा मनाली के वशिष्ठ स्थित मोनाल्सु संगम में भी विसर्जन किया गया।

वीरभद्र सिंह कस अस्थि कलश शनिवार को रामपुर बुशहर की नोगली में सतलुज नदी में विसर्जित किया गया। ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारियों व नेताओं ने वीरभद्र सिंह के अस्थि कलश को पूरे विधि-विधान के साथ सतलुज नदी मे विसर्जित किया। तय कार्यक्रम के मुताबिक शनिवार सुबह कांग्रेस कार्यालय रामपुर से अस्थि कलश नोगली के लिए रवाना किया गया। इस दौरान खुले वाहन में राजा वीरभद्र सिंह की अस्थियों को ले जाया गया। वहीं वाहनों की लंबी कतारें अस्थि विसर्जन यात्रा में शरीक हुई, रास्ते में लोग भी वीरभद्र सिंह के अस्थि कलश के दर्शनों के लिए खड़े दिखे।

इसके पश्चात नोगली में निर्धारित स्थान पर हवन कार्यक्रम आयोजित हुआ। करीब आधे घंटे चले इस हवन में रामपुर कांग्रेस के पदाधिकारियों के अलावा क्षेत्रीय नेता व आम जनता ने भी आहुतियां दी। जिसके बाद सुबह साढ़े दस बजे पूरे विधि-विधान का साथ अस्थि कलश को सतलुज नदी मे विसर्जित किया गया। इसके पश्चात 19 जुलाई को वीरभद्र सिंह के निजी आवास पदम् पैलेस रामपुर मे धर्म शांति का कार्यक्रम आयोजित होगा जिसमें राज परिवार की ओर से आम जनता को भी आमंत्रित किया गया है।

बीती 8 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का आईजीएमसी शिमला में निधन हो गया था। 9 जुलाई को उनका शव गृहक्षेत्र पद्म पैलेस रामपुर लाया गया था। उनके अंतिम दर्शन करने के लिए भारी हुजूम जुटा था। 10 जुलाई को वीरभद्र सिंह को अंतिम विदाई दी गई थी। 

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