कैबिनेट की बैठक में लिया गया यह फैसला

कैबिनेट की बैठक में  लिया गया यह फैसला

हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक बुधवार सुबह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में राज्य में वर्तमान कोरोना की स्थिति को लेकर चर्चा के बाद प्रदेश में लागू रात्रि कर्फ्यू को हटाने का फैसला लिया गया है। प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद बीते पांच जनवरी से पूरे प्रदेश में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रि कर्फ्यू लागू किया गया था। अब कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद इसे हटाने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही बाहरी एवं आंतरिक स्थलों में विवाह व अंतिम संस्कार समेत सभी सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और अन्य समारोहों में 50 प्रतिशत क्षमता तक लोगों के शामिल होने की भी अनुमति प्रदान की गई।

इससे पहले इंडोर में अधिकतम 100 और आउटडोर समारोहों में 300 लोगों को शामिल होने की अनुमति थी। वहीं, अभी प्रदेश में पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं लगाने पर कोई फैसला नहीं हुआ है। ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले स्कूलों में नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं नियमित रूप से लगाई जा रही हैं। वहीं शीतकालीन स्कूलों में 15 फरवरी के बाद इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को बुलाया जाना है।

कैबिनेट की बैठक में हिमाचल प्रदेश गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन, उसके परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम, 2015 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई, ताकि सड़कों व सुरक्षा दीवारों के निर्माण, डंगों की सोलिंग इत्यादि में लघु खनिज पदार्थों का सर्वाधिक उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इससे विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के लिए पत्थर और रेत जैसे खनिज पदार्थों की आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और एजेंसियों से संबंधित सड़कों के निर्माण कार्यों के दौरान पैदा होने वाले गौण खनिज पदार्थों के उसी कार्य के लिए उपयोग की अनुमति खनन अधिकारी प्रदान करेंगे। इसमें सड़कों के निर्माण सहित सुरक्षा दीवार, डंगों की सोलिंग इत्यादि के कार्य शामिल होंगे।

इसमें एक समय में 10 हजार मीट्रिक टन प्रतिमाह और अधिकतम 20 हजार मीट्रिक टन प्रति कार्य के उपयोग की ही अनुमति होगी। इसके लिए कार्य करवा रहे प्रभारी अभियंता, जोकि सहायक अभियंता के पद से कम नहीं होगा की रिपोर्ट को आधार माना जाएगा।

कैबिनेट ने इसमें एक नियम सम्मिलित करने का भी निर्णय लिया, जिसमें यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति खनन लीज धारक नहीं है और उसने नियमों का उल्लंघन नहीं किया है और ट्रांजिट फार्म उपलब्ध नहीं करवा सका है, तो उसे प्रचलित दरों पर रॉयल्टी और रॉयल्टी के 25 प्रतिशत जुर्माने का भुगतान करना होगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बैठक के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि सरकार ने ठेकेदारों की समस्याओं को समझते हुए राहत देने के लिए कैबिनेट में फैसला लिया है। इसको देखते हुए उन्हें हड़ताल खत्म कर देनी चाहिए।

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