कुर्सी पर 25 किo मीo उठा सड़क तक पहुंचाई बीमार महिला

कुर्सी पर 25 किo मीo उठा सड़क तक पहुंचाई बीमार महिला

न्यूली (कुल्लू)
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के दुर्गम क्षेत्रों में सड़क न होने से ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मरोड़ गांव में सोमवार को पेट दर्द से कराह रही एक महिला को ग्रामीण कुर्सी पर उठाकर 25 किलोमीटर दूर सड़क तक लाए। इसके बाद यहां से 13 किलोमीटर दूर सैंज अस्पताल पहुंचाया गया। महिला को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। महिला का दस दिन पहले ही प्रसव हुआ है। अब उसे सैंज में क्वार्टर में रखा गया है। 

रविवार रात को मरोड़ गांव की मूर्ति देवी (35) पत्नी राम चंद पेट दर्द से कराहती रही। गांव सड़क से जुड़ा न होने के कारण ग्रामीण सुबह होने का इंतजार करते रहे। सुबह करीब आठ बजे ग्रामीणों ने मरीज को कुर्सी पर उठाकर पहाड़ी से उतरना शुरू किया। करीब पांच घंटे सफर के बाद महिला को सड़क तक पहुंचाया गया।

गाड़ापारली पंचायत के उपप्रधान अजय, वार्ड पंच निर्मला ठाकुर, बीडीसी धर्मपाल ठाकुर, रमेश धामी, स्थानीय निवासी टिकम राम, तीर्थराम, मोहर सिंह, जीत राम, पूर्ण चंद, डोला सिंह, हीरा सिंह ने कहा कि जैसे ही गांव में कोई बीमार पड़ जाता है तो लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।

मरीज को कुर्सी पर सड़क तक लाना पड़ता है। कई बार तो मरीज आधा रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। ग्रामीणों ने मरोड़ गांव को सड़क से जोड़ने की मांग उठाई, लेकिन हर बार उन्हें सरकार और नेताओं की ओर से आश्वासन ही मिले।

ग्राम पंचायत गाड़ापारली की प्रधान यमुना देवी ने कहा कि कई बार विभाग व सरकार को समस्या से अवगत करवाया गया है, लेकिन कोई हल नहीं निकला है। ग्रामीणों के मसले को प्रमुखता से सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। उधर, बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि मरोड़ गांव के चारों ओर वन क्षेत्र है। ऐसे में गांव को सड़क से जोड़ने के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस लेने के लिए मामला भेजा गया है।

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