किसान आंदोलन से ध्यान भटकाने को कार्रवाई संभव, पाकिस्तान को सता रहा डर

किसान आंदोलन से ध्यान भटकाने को कार्रवाई संभव,  पाकिस्तान को सता रहा डर

इस्लामाबाद
पाकिस्तान को एक बार फिर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक का डर सता रहा है। दरअसल, पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ का कहना है कि खुफिया एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं कि दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन से ध्यान भटकाने के लिए भारत सर्जिकल स्ट्राइक कर सकता है। अखबार ने सेना के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि स्ट्राइक की आशंका के चलते पाकिस्तान ने भारत से लगी सीमाओं पर सैनिकों को चौकन्ना रहने को कहा है।

अखबार में लिखा है, ‘भारत की हिंदुत्ववादी नरेंद्र मोदी सरकार देश में जारी विरोध-प्रदर्शनों को कमजोर करने के लिए कुछ भी कर सकती है। भारत यह भी नहीं चाहता है कि सिख किसानों के नेतृत्व में हो रहे आंदोलन से खालिस्तानी आंदोलन को हवा मिले। कई विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि नियंत्रण रेखा और भारत-पाकिस्तान सीमा पर पाकिस्तानी सैनिकों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है, ताकि भारत के किसी भी तरह के दुस्साहस का जवाब दिया जा सके।’
पाक सेना हाई अलर्ट पर
पाकिस्तान के अखबार ‘जियो न्यूज’ ने भी इस खबर को प्रकाशित है। जियो न्यूज ने लिखा है कि पाकिस्तान ने भारत के किसी फ्लैग ऑपरेशन या सर्जिकल स्ट्राइक की आशंका के चलते सेना को हाई अलर्ट पर रखा है। अखबार का कहना है कि भारत अपनी आंतरिक और बाहरी समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक कर सकता है।

यह भी पढ़ें- ब्रिटेन की संसद में उठा किसान आंदोलन का मुद्दा, जॉनसन ने बताया भारत-पाक का मामला

अखबार का कहना है कि भारत पर अल्पसंख्यकों, किसान आंदोलन और कश्मीर को लेकर बहुत ज्यादा दबाव है। लद्दाख में भी भारत चुनौतियों का सामना कर रहा है। बता दें कि भारतीय वायुसेना ने पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले के बाद फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी।

इसके अलावा पाकिस्तान भारत में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर भी बयानबाजी कर रहा है। भारत जहां इस आंदोलन का हल निकालने की कोशिश में है। वहीं पाकिस्तान के मंत्री किसानों को भड़काने में लगे हुए हैं। इमरान खान की सरकार में मंत्री फवाद चौधरी ने कहा, ‘निर्दयी मोदी सरकार को पंजाब के किसानों की कोई परवाह नहीं है।’ उन्होंने भारत के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करते हुए किसानों में फूट डालने की भी कोशिश की।

 

Related posts